॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: संघर्ष करना
संस्कृत: सङ्घर्षे
अंग्रेज़ी: to challenge, to compete, to conflict, to rival, to struggle
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | स्पर्धते | स्पर्धेते | स्पर्धन्ते |
| मध्यम | स्पर्धसे | स्पर्धेथे | स्पर्धध्वे |
| उत्तम | स्पर्धे | स्पर्धावहे | स्पर्धामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): स्पर्धते · लिट् (आत्मने.): पस्पर्धे · लुट् (आत्मने.): स्पर्धिता · लृट् (आत्मने.): स्पर्धिष्यते · लोट् (आत्मने.): स्पर्धताम् · लङ् (आत्मने.): अस्पर्धत · विधिलिङ् (आत्मने.): स्पर्धेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): स्पर्धिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अस्पर्धिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अस्पर्धिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्पर्धन · ण्वुल्: स्पर्धकः · तृच्: स्पर्धिता · ण्यत्: स्पर्ध्यः · तव्य: स्पर्धितव्यः · अनीयर्: स्पर्धनीयः · क्त: स्पर्धितः · क्तवतु: स्पर्धितवान् · शानच्: स्पर्धमानः · क्त्वा: स्पर्धित्वा · ल्यप्: प्रस्पर्ध्य · तुमुन्: स्पर्धितुम् · णमुल्: स्पर्धम् · घञ्: स्पर्धः · क्तिन्: स्पर्धि · क्वसु: पस्पर्ध्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| स्पर्धते | स्पर्ध् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
स्पर्धते ➤ संघर्ष करना
संस्कृत: सङ्घर्षे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड