॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिंसा करना, नष्ट होना,विखेरना, विस्फोट होना
संस्कृत: विशरणे
अंग्रेज़ी: to burst,to break open,to split open, to destroy, to shatter, explode
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | स्फण्टति | स्फण्टतः | स्फण्टन्ति |
| मध्यम | स्फण्टसि | स्फण्टथः | स्फण्टथ |
| उत्तम | स्फण्टामि | स्फण्टावः | स्फण्टामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: स्फण्टति · लिट्: पस्फण्ट · लुट्: स्फण्टिता · लृट्: स्फण्टिष्यति · लोट्: स्फण्टतात् · लङ्: अस्फण्टत् · विधिलिङ्: स्फण्टेत् · आशीर्लिङ्: स्फण्ट्यात् · लुङ्: अस्फण्टीत् · लृङ्: अस्फण्टिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्फण्टन · ण्वुल्: स्फण्टकः · तृच्: स्फण्टिता · ण्यत्: स्फण्ट्यः · तव्य: स्फण्टितव्यः · अनीयर्: स्फण्टनीयः · क्त: स्फण्टितः · क्तवतु: स्फण्टितवान् · शतृ: स्फण्टन् · स्य-शतृ: स्फण्टिष्यन् · क्त्वा: स्फण्टित्वा · ल्यप्: प्रस्फण्ट्य · तुमुन्: स्फण्टितुम् · णमुल्: स्फण्टम् · घञ्: स्फण्टः · क्तिन्: स्फण्टि · क्वसु: पस्फण्ट्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| स्फण्टति | स्फण्ट् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: स्फण्टत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्फण्ट् + शतृ | स्फण्टत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्फण्ट् + शतृ |
स्फण्टति ➤ हिंसा करना, नष्ट होना,विखेरना, विस्फोट होना
संस्कृत: विशरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड