🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:25:08 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

स्रम्भते

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

स्रम्भते

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

स्रम्भते

अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं

संस्कृत: प्रमादे

अंग्रेज़ी: to err, to make mistake

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. स्रम्भ् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. स्रम्भता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्रम्भ् + घञ् · तद्धित: स्रम्भ + तल् (भाववाचक)
  3. स्रम्भता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: स्रम्भ् + घञ् · तद्धित: स्रम्भ + तल् (भाववाचक)
  4. स्रम्भता (स्त्री.) — प्रथमा विभक्ति, द्विवचन · कृदन्त: स्रम्भ् + घञ् · तद्धित: स्रम्भ + तल् (भाववाचक)
  5. स्रम्भता (स्त्री.) — द्वितीया विभक्ति, द्विवचन · कृदन्त: स्रम्भ् + घञ् · तद्धित: स्रम्भ + तल् (भाववाचक)
  6. स्रम्भता (स्त्री.) — सम्बोधन, द्विवचन · कृदन्त: स्रम्भ् + घञ् · तद्धित: स्रम्भ + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — स्रम्भ् (भ्वादिगण) · अर्थ: (प्रमादे)

लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमस्रम्भतेस्रम्भेतेस्रम्भन्ते
मध्यमस्रम्भसेस्रम्भेथेस्रम्भध्वे
उत्तमस्रम्भेस्रम्भावहेस्रम्भामहे

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): स्रम्भते · लिट् (आत्मने.): सस्रम्भे · लुट् (आत्मने.): स्रम्भिता · लृट् (आत्मने.): स्रम्भिष्यते · लोट् (आत्मने.): स्रम्भताम् · लङ् (आत्मने.): अस्रम्भत · विधिलिङ् (आत्मने.): स्रम्भेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): स्रम्भिषीष्ट · लुङ्: अस्रभत् · लुङ् (आत्मने.): अस्रम्भिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अस्रम्भिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्रम्भण · ण्वुल्: स्रम्भकः · तृच्: स्रम्भिता · ण्यत्: स्रम्भ्यः · तव्य: स्रम्भितव्यः · अनीयर्: स्रम्भणीयः · क्त: स्रब्धः · क्तवतु: स्रब्धवान् · शानच्: स्रम्भमाणः · क्त्वा: स्रब्ध्वा · ल्यप्: प्रस्रभ्य · तुमुन्: स्रम्भितुम् · णमुल्: स्रम्भम् · घञ्: स्रम्भः · क्तिन्: स्रब्धि · क्वसु: सस्रभ्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
स्रम्भतेस्रम्भ् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: स्रम्भता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्रम्भ् + घञ् · तद्धित: स्रम्भ + तल् (भाववाचक) | स्रम्भता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: स्रम्भ् + घञ् · तद्धित: स्रम्भ + तल् (भाववाचक)

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

स्रम्भते ➤ to err, to make mistake (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: प्रमादे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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