॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चिकना करना, त्यागना
संस्कृत: स्नेहनमोचनयोः गात्रप्रस्रवणे च
अंग्रेज़ी: to be greasy, to be soft, to smoothen,to quit
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | स्वेदते | स्वेदेते | स्वेदन्ते |
| मध्यम | स्वेदसे | स्वेदेथे | स्वेदध्वे |
| उत्तम | स्वेदे | स्वेदावहे | स्वेदामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): स्वेदते · लिट् (आत्मने.): सिष्विदे · लुट् (आत्मने.): स्वेदिता · लृट् (आत्मने.): स्वेदिष्यते · लोट् (आत्मने.): स्वेदताम् · लङ् (आत्मने.): अस्वेदत · विधिलिङ् (आत्मने.): स्वेदेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): स्वेदिषीष्ट · लुङ्: अस्विदत् · लुङ् (आत्मने.): अस्वेदिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अस्वेदिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्वेदन · ण्वुल्: स्वेदकः · तृच्: स्वेदिता · ण्यत्: स्वेद्यः · तव्य: स्वेदितव्यः · अनीयर्: स्वेदनीयः · क्त: स्विन्नः · क्तवतु: स्विन्नवान् · शानच्: स्वेदमानः · क्त्वा: स्विदित्वा · ल्यप्: प्रस्विद्य · तुमुन्: स्वेदितुम् · णमुल्: स्वेदम् · घञ्: स्वेदः · क्तिन्: स्वित्ति · क्वसु: सिष्विद्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| स्वेदते | स्विद् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: स्वेदता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: स्वेद + तल् (भाववाचक) | स्वेदत् (पुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्विद् + शतृ |
स्वेदते ➤ चिकना करना, त्यागना
संस्कृत: स्नेहनमोचनयोः गात्रप्रस्रवणे च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.५ सेकण्ड