॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: गिरना, दूर हटना
संस्कृत: कौटिल्ये
अंग्रेज़ी: to fall off, to move away, to retract
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | हूर्छति | हूर्छतः | हूर्छन्ति |
| मध्यम | हूर्छसि | हूर्छथः | हूर्छथ |
| उत्तम | हूर्छामि | हूर्छावः | हूर्छामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: हूर्छति · लिट्: जुहूर्छ · लुट्: हूर्छिता · लृट्: हूर्छिष्यति · लोट्: हूर्छतात् · लङ्: अहूर्छत् · विधिलिङ्: हूर्छेत् · आशीर्लिङ्: हूर्छ्यात् · लुङ्: अहूर्छीत् · लृङ्: अहूर्छिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: हूर्छन · ण्वुल्: हूर्छकः · तृच्: हूर्छिता · ण्यत्: हूर्छ्यः · तव्य: हूर्छितव्यः · अनीयर्: हूर्छनीयः · क्त: हूर्णः · क्तवतु: हूर्णवान् · शतृ: हूर्छन् · स्य-शतृ: हूर्छिष्यन् · क्त्वा: हूर्छित्वा · ल्यप्: प्रहूर्छ्य · तुमुन्: हूर्छितुम् · णमुल्: हूर्छम् · घञ्: हूर्छः · क्तिन्: हूर्ति · क्वसु: जुहूर्छ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| हूर्छति | हूर्छ् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: हूर्छत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: हूर्छ् + शतृ | हूर्छत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: हूर्छ् + शतृ |
हूर्छति ➤ गिरना, दूर हटना
संस्कृत: कौटिल्ये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड