॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मर्यादा होने पर भी देर से जन्म लेना, संपत्ति युक्त करना, स्वेच्छया पवित्र करना
संस्कृत: भूतप्रादुर्भावे
अंग्रेज़ी: to occur in abundance
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | हेठ्णाति | हेठ्णीतः | हेठ्णन्ति |
| मध्यम | हेठ्णासि | हेठ्णीथः | हेठ्णीथ |
| उत्तम | हेठ्णामि | हेठ्णीवः | हेठ्णीमः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: हेठ्णाति · लिट्: जिहेठ · लुट्: हेठिता · लृट्: हेठिष्यति · लोट्: हेठ्णातु · लङ्: अहेठ्णात् · विधिलिङ्: हेठ्णीयात् · आशीर्लिङ्: हेठ्यात् · लुङ्: अहेठीत् · लृङ्: अहेठिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: हेठन · ण्वुल्: हेठकः · तृच्: हेठिता · ण्यत्: हेठ्यः · तव्य: हेठितव्यः · अनीयर्: हेठनीयः · क्त: हेठितः · क्तवतु: हेठितवान् · शतृ: हेठ्णन् · स्य-शतृ: हेठिष्यन् · क्त्वा: हेठित्वा · ल्यप्: प्रहेठ्य · तुमुन्: हेठितुम् · णमुल्: हेठम् · घञ्: हेठः · क्तिन्: हेट्टि · क्वसु: जिहेठ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| हेठ्णाति | हेठ् धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
हेठ्णाति ➤ मर्यादा होने पर भी देर से जन्म लेना, संपत्ति युक्त करना, स्वेच्छया पवित्र करना
संस्कृत: भूतप्रादुर्भावे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड