॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: अपमान करना, अनादर करना
संस्कृत: अनादरे
अंग्रेज़ी: to disregard,to insult
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | हेडते | हेडेते | हेडन्ते |
| मध्यम | हेडसे | हेडेथे | हेडध्वे |
| उत्तम | हेडे | हेडावहे | हेडामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): हेडते · लिट् (आत्मने.): जिहेडे · लुट् (आत्मने.): हेडिता · लृट् (आत्मने.): हेडिष्यते · लोट् (आत्मने.): हेडताम् · लङ् (आत्मने.): अहेडत · विधिलिङ् (आत्मने.): हेडेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): हेडिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अहेडिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अहेडिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: हेडन · ण्वुल्: हेडकः · तृच्: हेडिता · ण्यत्: हेड्यः · तव्य: हेडितव्यः · अनीयर्: हेडनीयः · क्त: हेडितः · क्तवतु: हेडितवान् · शानच्: हेडमानः · क्त्वा: हेडित्वा · ल्यप्: प्रहेड्य · तुमुन्: हेडितुम् · णमुल्: हेडम् · घञ्: हेडः · क्तिन्: हेट्टि · क्वसु: जिहेड्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| हेडते | हेड् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: हेडता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: हेड + तल् (भाववाचक) | हेडत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: हेड् + शतृ |
हेडते ➤ अपमान करना, अनादर करना
संस्कृत: अनादरे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड