॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: छिपाना, लुकाना, चुराना, ले जाना
संस्कृत: अपनयने
अंग्रेज़ी: to hide, to conceal,to take away,to deny
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ह्नुते | ह्नुवाते | ह्नुवते |
| मध्यम | ह्नुषे | ह्नुवाथे | ह्नुध्वे |
| उत्तम | ह्नुवे | ह्नुवहे | ह्नुमहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): ह्नुते · लिट् (आत्मने.): जुह्नुवे · लुट् (आत्मने.): ह्नोता · लृट् (आत्मने.): ह्नोष्यते · लोट् (आत्मने.): ह्नुताम् · लङ् (आत्मने.): अह्नुत · विधिलिङ् (आत्मने.): ह्नुवीत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): ह्नोषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अह्नोष्ट · लृङ् (आत्मने.): अह्नोष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: ह्नवन · ण्वुल्: ह्नावकः · तृच्: ह्नोता · यत्: ह्नव्यः · ण्यत्: ह्नाव्यः · तव्य: ह्नोतव्यः · अनीयर्: ह्नवनीयः · क्त: ह्नुतः · क्तवतु: ह्नुतवान् · शानच्: ह्नुवानः · क्त्वा: ह्नुत्वा · ल्यप्: प्रह्नुत्य · तुमुन्: ह्नोतुम् · णमुल्: ह्नावम् · क्तिन्: ह्नुति · क्वसु: जुह्नुवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ह्नुते | ह्नु धातु (अदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ह्नुत (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ह्नु + क्त | ह्नुत (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ह्नु + क्त |
ह्नुते ➤ छिपाना, लुकाना, चुराना, ले जाना
संस्कृत: अपनयने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड