॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: लज्जा करना
संस्कृत: लज्जायाम्
अंग्रेज़ी: to be shy
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ह्रीच्छति | ह्रीच्छतः | ह्रीच्छन्ति |
| मध्यम | ह्रीच्छसि | ह्रीच्छथः | ह्रीच्छथ |
| उत्तम | ह्रीच्छामि | ह्रीच्छावः | ह्रीच्छामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: ह्रीच्छति · लिट्: जिह्रीच्छ · लुट्: ह्रीच्छिता · लृट्: ह्रीच्छिष्यति · लोट्: ह्रीच्छतात् · लङ्: अह्रीच्छत् · विधिलिङ्: ह्रीच्छेत् · आशीर्लिङ्: ह्रीच्छ्यात् · लुङ्: अह्रीच्छीत् · लृङ्: अह्रीच्छिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: ह्रीच्छन · ण्वुल्: ह्रीच्छकः · तृच्: ह्रीच्छिता · ण्यत्: ह्रीच्छ्यः · तव्य: ह्रीच्छितव्यः · अनीयर्: ह्रीच्छनीयः · क्त: ह्रीच्छितः · क्तवतु: ह्रीच्छितवान् · शतृ: ह्रीच्छन् · स्य-शतृ: ह्रीच्छिष्यन् · क्त्वा: ह्रीच्छित्वा · ल्यप्: प्रह्रीच्छ्य · तुमुन्: ह्रीच्छितुम् · णमुल्: ह्रीच्छम् · घञ्: ह्रीच्छः · क्तिन्: ह्रीष्टि · क्वसु: जिह्रीच्छ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ह्रीच्छति | ह्रीच्छ् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ह्रीच्छत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ह्रीच्छ् + शतृ | ह्रीच्छत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ह्रीच्छ् + शतृ |
ह्रीच्छति ➤ लज्जा करना
संस्कृत: लज्जायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड