📜 लघुसिद्धान्तकौमुदी
वरदराजाचार्य कृत · पाणिनीय सूत्र, मूल वृत्ति, हिन्दी अनुवाद एवं सरल व्याख्या
← सभी प्रकरण
२९. परस्मैपदप्रक्रिया
परस्मैपद-विधान · सूत्र 741–746 (6)
मूल वृत्ति
हिन्दी अनुवाद
सरल व्याख्या
७४१
विधिसूत्रम् अष्टा० 1.3.79
अनुपराभ्यां कृञः ॥
अनुवृत्ति/अधिकार: कर्तरि, कर्तरि, परस्मैपदम्
वृत्तिः
कर्तृगे च फले गन्धनादौ च परस्मैपदं स्यात्। अनुकरोति। पराकरोति॥
हिन्दी अनुवाद
अनु और परा से परे कृञ् से, फल कर्ता को मिले या गन्धन आदि अर्थ हों, तब भी परस्मैपद होता है। अनुकरोति, पराकरोति।
सरल व्याख्या
अनुकरोति (नकल करता है) — सदा परस्मैपद।
७४२
विधिसूत्रम् अष्टा० 1.3.80
अभिप्रत्यतिभ्यः क्षिपः ॥
अनुवृत्ति/अधिकार: कर्तरि, कर्तरि, परस्मैपदम्
वृत्तिः
क्षिप प्रेरणे स्वरितेत्। अभिक्षिपति॥
हिन्दी अनुवाद
अभि, प्रति, अति से परे क्षिप् से (परस्मैपद)। क्षिप् (प्रेरणा) स्वरितेत् है। अभिक्षिपति।
सरल व्याख्या
क्षिप् उभयपदी है, पर इन उपसर्गों के साथ केवल परस्मैपद: अभिक्षिपति।
७४३
विधिसूत्रम् अष्टा० 1.3.81
प्राद्वहः ॥
अनुवृत्ति/अधिकार: कर्तरि, कर्तरि, परस्मैपदम्
हिन्दी अनुवाद
प्र से परे वह् से (परस्मैपद)। प्रवहति।
सरल व्याख्या
प्रवहति (बहता है)।
७४४
विधिसूत्रम् अष्टा० 1.3.82
परेर्मृषः ॥
अनुवृत्ति/अधिकार: कर्तरि, कर्तरि, परस्मैपदम्
हिन्दी अनुवाद
परि से परे मृष् से (परस्मैपद)। परिमृष्यति।
सरल व्याख्या
मृष् आत्मनेपदी है (मृष्यते), पर परि के साथ: परिमृष्यति।
७४५
विधिसूत्रम् अष्टा० 1.3.83
व्याङ्परिभ्यो रमः ॥
अनुवृत्ति/अधिकार: कर्तरि, कर्तरि, परस्मैपदम्
वृत्तिः
रमु क्रीडायाम्॥ विरमति॥
हिन्दी अनुवाद
वि, आङ्, परि से परे रम् से (परस्मैपद)। रमु — क्रीड़ा। विरमति।
सरल व्याख्या
रम् आत्मनेपदी (रमते), पर विरमति (रुकता है), आरमति, परिरमति।
७४६
विधिसूत्रम् अष्टा० 1.3.84
उपाच्च ॥
अनुवृत्ति/अधिकार: कर्तरि, कर्तरि, परस्मैपदम्, रमः
वृत्तिः
यज्ञदत्तमुपरमति । उपरमयतीत्यर्थः । अन्तर्भावितण्यर्थोऽयम् ॥ इति परस्मैपदप्रक्रिया ॥ इति पदव्यवस्था ॥
हिन्दी अनुवाद
उप से परे भी (रम् से परस्मैपद)। यज्ञदत्तम् उपरमति — अर्थात् उपरत कराता है; इसमें णिच् का अर्थ अन्तर्भूत है। (परस्मैपद प्रक्रिया समाप्त। पद-व्यवस्था पूर्ण।)
सरल व्याख्या
उपरमति (रोकता है)। (पद-व्यवस्था पूर्ण।)
मूल पाठ: लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य) — डिजिटल पाठ-स्रोत ashtadhyayi.com · हिन्दी अनुवाद व सरल व्याख्या: cdsharma.in