॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: कम करना, घटाना, संक्षेप करना
संस्कृत: परिहाणे
अंग्रेज़ी: to reduce, to shorten
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ऊनयति | ऊनयतः | ऊनयन्ति |
| मध्यम | ऊनयसि | ऊनयथः | ऊनयथ |
| उत्तम | ऊनयामि | ऊनयावः | ऊनयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: ऊनयति · लट् (आत्मने.): ऊनयते · लिट्: ऊनयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): ऊनयाञ्चक्रे · लुट्: ऊनयिता · लुट् (आत्मने.): ऊनयिता · लृट्: ऊनयिष्यति · लृट् (आत्मने.): ऊनयिष्यते · लोट्: ऊनयतात् · लोट् (आत्मने.): ऊनयताम् · लङ्: औनयत् · लङ् (आत्मने.): औनयत · विधिलिङ्: ऊनयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): ऊनयेत · आशीर्लिङ्: ऊन्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): ऊनयिषीष्ट · लुङ्: औननत् · लुङ् (आत्मने.): औननत · लृङ्: औनयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): औनयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: ऊनन · ण्वुल्: ऊनकः · तृच्: ऊनयिता · यत्: ऊन्यः · तव्य: ऊनयितव्यः · अनीयर्: ऊननीयः · क्त: ऊनितः · क्तवतु: ऊनितवान् · शतृ: ऊनयन् · स्य-शतृ: ऊनयिष्यन् · शानच्: ऊनयमानः · क्त्वा: ऊनयित्वा · ल्यप्: प्रोन्य · तुमुन्: ऊनयितुम् · णमुल्: ऊनम् · क्तिन्: ऊन्ति · क्वसु: ऊनयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ऊनयति | ऊन धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ऊन धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | ऊनयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ऊन + शतृ |
ऊनयति ➤ कम करना, घटाना, संक्षेप करना
संस्कृत: परिहाणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड