🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:33:50 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

कत्रति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

कत्रति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

कत्रति

अर्थ: ढीला करना, शिथिलता करना, छोड़ना, मुक्त करना

संस्कृत: शैथिल्ये

अंग्रेज़ी: to loosen, to leave, to abandon

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. कत्र धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. कत्रत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कत्र + शतृ
  3. कत्रत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कत्र + शतृ
  4. कत्रता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कत्र + घञ् · तद्धित: कत्र + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — कत्र (चुरादिगण) · अर्थ: ढीला करना, शिथिलता करना, छोड़ना, मुक्त करना (शैथिल्ये)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमकत्रति / कत्रयतिकत्रतः / कत्रयतःकत्रन्ति / कत्रयन्ति
मध्यमकत्रयसि / कत्रसिकत्रथः / कत्रयथःकत्रथ / कत्रयथ
उत्तमकत्रयामि / कत्रामिकत्रयावः / कत्रावःकत्रयामः / कत्रामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: कत्रति · लट् (आत्मने.): कत्रयते · लिट्: कत्रयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): कत्रयाञ्चक्रे · लुट्: कत्रयिता · लुट् (आत्मने.): कत्रयिता · लृट्: कत्रयिष्यति · लृट् (आत्मने.): कत्रयिष्यते · लोट्: कत्रतात् · लोट् (आत्मने.): कत्रयताम् · लङ्: अकत्रत् · लङ् (आत्मने.): अकत्रयत · विधिलिङ्: कत्रयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): कत्रयेत · आशीर्लिङ्: कत्र्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): कत्रयिषीष्ट · लुङ्: अकत्रीत् · लुङ् (आत्मने.): अचकत्रत · लृङ्: अकत्रयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अकत्रयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: कत्रण · ण्वुल्: कत्रकः · तृच्: कत्रिता · यत्: कत्र्यः · तव्य: कत्रितव्यः · अनीयर्: कत्रणीयः · क्त: कत्रितः · क्तवतु: कत्रितवान् · शतृ: कत्रन् · स्य-शतृ: कत्रिष्यन् · शानच्: कत्रयमाणः · क्त्वा: कत्रित्वा · ल्यप्: प्रकत्र्य · तुमुन्: कत्रितुम् · णमुल्: कत्रम् · घञ्: कत्रः · क्तिन्: कत्र्ति · क्वसु: कत्राम्बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
कत्रतिकत्र धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: कत्रत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कत्र + शतृ | कत्रत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कत्र + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

कत्रति ➤ ढीला करना, शिथिलता करना, छोड़ना, मुक्त करना
संस्कृत: शैथिल्ये

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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