॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: घबड़ाना, दुखी होना
संस्कृत: वैक्लव्ये
अंग्रेज़ी: to be afraid, to to grieve,to cry,to shed tears
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | कन्दते | कन्देते | कन्दन्ते |
| मध्यम | कन्दसे | कन्देथे | कन्दध्वे |
| उत्तम | कन्दे | कन्दावहे | कन्दामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): कन्दते · लिट् (आत्मने.): चकन्दे · लुट् (आत्मने.): कन्दिता · लृट् (आत्मने.): कन्दिष्यते · लोट् (आत्मने.): कन्दताम् · लङ् (आत्मने.): अकन्दत · विधिलिङ् (आत्मने.): कन्देत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): कन्दिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अकन्दिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अकन्दिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: कन्दन · ण्वुल्: कन्दकः · तृच्: कन्दिता · ण्यत्: कन्द्यः · तव्य: कन्दितव्यः · अनीयर्: कन्दनीयः · क्त: कन्दितः · क्तवतु: कन्दितवान् · शानच्: कन्दमानः · क्त्वा: कन्दित्वा · ल्यप्: प्रकन्द्य · तुमुन्: कन्दितुम् · णमुल्: कन्दम् · घञ्: कन्दः · क्तिन्: कन्ति · क्वसु: चकन्द्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| कन्दते | कन्द् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: कन्दता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: कन्द + तल् (भाववाचक) | कन्दत् (पुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कन्द् + शतृ |
कन्दते ➤ घबड़ाना, दुखी होना
संस्कृत: वैक्लव्ये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड