२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
कन्द् (कदिँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0878
धात्वर्थ: वैक्लव्ये — घबड़ाना, दुखी होना (to be afraid, to to grieve,to cry,to shed tears)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कन्दते कन्देते कन्दन्ते मध्यम कन्दसे कन्देथे कन्दध्वे उत्तम कन्दे कन्दावहे कन्दामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कन्दताम् कन्देताम् कन्दन्ताम् मध्यम कन्दस्व कन्देथाम् कन्दध्वम् उत्तम कन्दै कन्दावहै कन्दामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकन्दत अकन्देताम् अकन्दन्त मध्यम अकन्दथाः अकन्देथाम् अकन्दध्वम् उत्तम अकन्दे अकन्दावहि अकन्दामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कन्देत कन्देयाताम् कन्देरन् मध्यम कन्देथाः कन्देयाथाम् कन्देध्वम् उत्तम कन्देय कन्देवहि कन्देमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कन्दिष्यते कन्दिष्येते कन्दिष्यन्ते मध्यम कन्दिष्यसे कन्दिष्येथे कन्दिष्यध्वे उत्तम कन्दिष्ये कन्दिष्यावहे कन्दिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कन्दिता कन्दितारौ कन्दितारः मध्यम कन्दितासे कन्दितासाथे कन्दिताध्वे उत्तम कन्दिताहे कन्दितास्वहे कन्दितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चकन्दे चकन्दाते चकन्दिरे मध्यम चकन्दिषे चकन्दाथे चकन्दिध्वे उत्तम चकन्दे चकन्दिवहे चकन्दिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकन्दिष्ट अकन्दिषाताम् अकन्दिषत मध्यम अकन्दिष्ठाः अकन्दिषाथाम् अकन्दिध्वम् उत्तम अकन्दिषि अकन्दिष्वहि अकन्दिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कन्दिषीष्ट कन्दिषीयास्ताम् कन्दिषीरन् मध्यम कन्दिषीष्ठाः कन्दिषीयास्थाम् कन्दिषीध्वम् उत्तम कन्दिषीय कन्दिषीवहि कन्दिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकन्दिष्यत अकन्दिष्येताम् अकन्दिष्यन्त मध्यम अकन्दिष्यथाः अकन्दिष्येथाम् अकन्दिष्यध्वम् उत्तम अकन्दिष्ये अकन्दिष्यावहि अकन्दिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कन्द्यते कन्द्येते कन्द्यन्ते मध्यम कन्द्यसे कन्द्येथे कन्द्यध्वे उत्तम कन्द्ये कन्द्यावहे कन्द्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कन्द्यताम् कन्द्येताम् कन्द्यन्ताम् मध्यम कन्द्यस्व कन्द्येथाम् कन्द्यध्वम् उत्तम कन्द्यै कन्द्यावहै कन्द्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकन्द्यत अकन्द्येताम् अकन्द्यन्त मध्यम अकन्द्यथाः अकन्द्येथाम् अकन्द्यध्वम् उत्तम अकन्द्ये अकन्द्यावहि अकन्द्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कन्द्येत कन्द्येयाताम् कन्द्येरन् मध्यम कन्द्येथाः कन्द्येयाथाम् कन्द्येध्वम् उत्तम कन्द्येय कन्द्येवहि कन्द्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कन्दिष्यते कन्दिष्येते कन्दिष्यन्ते मध्यम कन्दिष्यसे कन्दिष्येथे कन्दिष्यध्वे उत्तम कन्दिष्ये कन्दिष्यावहे कन्दिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त कन्दन — — कन्दनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त कन्दक कन्दकः कन्दिका कन्दकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त कन्दितृ कन्दिता कन्दित्री कन्दितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त कन्द्य कन्द्यः कन्द्या कन्द्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) कन्दितव्य कन्दितव्यः कन्दितव्या कन्दितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त कन्दनीय कन्दनीयः कन्दनीया कन्दनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) कन्दित कन्दितः कन्दिता कन्दितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) कन्दितवत् कन्दितवान् कन्दितवती कन्दितवत् / कन्दितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) कन्दमान कन्दमानः कन्दमाना कन्दमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) कन्दित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रकन्द्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) कन्दितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय कन्दम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त कन्द कन्दः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त कन्ति — कन्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चकन्द्वस् चकन्द्वान् चकन्दुषी चकन्द्वत् / चकन्द्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।