॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: कृषिकर्म करना, जोतना, हल चलाना
संस्कृत: विलेखने
अंग्रेज़ी: to farm, to plow, to cultivate
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | कर्षति | कर्षतः | कर्षन्ति |
| मध्यम | कर्षसि | कर्षथः | कर्षथ |
| उत्तम | कर्षामि | कर्षावः | कर्षामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: कर्षति · लिट्: चकर्ष · लुट्: कर्ष्टा · लृट्: कर्क्ष्यति · लोट्: कर्षतात् · लङ्: अकर्षत् · विधिलिङ्: कर्षेत् · आशीर्लिङ्: कृष्यात् · लुङ्: अकार्क्षीत् · लृङ्: अकर्क्ष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: कर्षण · ण्वुल्: कर्षकः · तृच्: क्रष्टा · तव्य: क्रष्टव्यः · अनीयर्: कर्षणीयः · क्त: कृष्टः · क्तवतु: कृष्टवान् · शतृ: कर्षन् · स्य-शतृ: क्रक्ष्यन् · क्त्वा: कृष्ट्वा · ल्यप्: प्रकृष्य · तुमुन्: क्रष्टुम् · णमुल्: कर्षम् · घञ्: कर्षः · क्तिन्: कृष्टि · क्वसु: चकृष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| कर्षति | कृष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: कर्षता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: कर्ष + तल् (भाववाचक) | कर्षत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कृष् + शतृ |
कर्षति ➤ कृषिकर्म करना, जोतना, हल चलाना
संस्कृत: विलेखने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड