🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:40:53 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

क्षम्पति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

क्षम्पति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

क्षम्पति

अर्थ: सहन करना, कहना, दया करना, चमकना

संस्कृत: क्षान्त्याम्

अंग्रेज़ी: to endure,to tolerate, to forgive, to shine

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. क्षम्प् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. क्षम्पत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्षम्प् + शतृ
  3. क्षम्पत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्षम्प् + शतृ
  4. क्षम्पता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्षम्प् + घञ् · तद्धित: क्षम्प + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — क्षम्प् (चुरादिगण) · अर्थ: सहन करना, कहना, दया करना, चमकना (क्षान्त्याम्)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमक्षम्पति / क्षम्पयतिक्षम्पतः / क्षम्पयतःक्षम्पन्ति / क्षम्पयन्ति
मध्यमक्षम्पयसि / क्षम्पसिक्षम्पथः / क्षम्पयथःक्षम्पथ / क्षम्पयथ
उत्तमक्षम्पयामि / क्षम्पामिक्षम्पयावः / क्षम्पावःक्षम्पयामः / क्षम्पामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: क्षम्पति · लट् (आत्मने.): क्षम्पयते · लिट्: क्षम्पयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): क्षम्पयाञ्चक्रे · लुट्: क्षम्पयिता · लुट् (आत्मने.): क्षम्पयिता · लृट्: क्षम्पयिष्यति · लृट् (आत्मने.): क्षम्पयिष्यते · लोट्: क्षम्पतात् · लोट् (आत्मने.): क्षम्पयताम् · लङ्: अक्षम्पत् · लङ् (आत्मने.): अक्षम्पयत · विधिलिङ्: क्षम्पयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): क्षम्पयेत · आशीर्लिङ्: क्षम्प्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): क्षम्पयिषीष्ट · लुङ्: अक्षम्पीत् · लुङ् (आत्मने.): अचक्षम्पत · लृङ्: अक्षम्पयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अक्षम्पयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: क्षम्पण · ण्वुल्: क्षम्पकः · तृच्: क्षम्पिता · यत्: क्षम्प्यः · ण्यत्: क्षम्प्यः · तव्य: क्षम्पितव्यः · अनीयर्: क्षम्पणीयः · क्त: क्षम्पितः · क्तवतु: क्षम्पितवान् · शतृ: क्षम्पन् · स्य-शतृ: क्षम्पिष्यन् · शानच्: क्षम्पयमाणः · क्त्वा: क्षम्पित्वा · ल्यप्: प्रक्षम्प्य · तुमुन्: क्षम्पितुम् · णमुल्: क्षम्पम् · घञ्: क्षम्पः · क्तिन्: क्षम्प्ति · क्वसु: चक्षम्प्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
क्षम्पतिक्षम्प् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: क्षम्पत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्षम्प् + शतृ | क्षम्पत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्षम्प् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

क्षम्पति ➤ सहन करना, कहना, दया करना, चमकना
संस्कृत: क्षान्त्याम्

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें