॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: नष्ट होना, सूक्ष्म होना, ह्रास होना, कम होना
संस्कृत: क्षये
अंग्रेज़ी: to decay, to get killed, to get destroyed, to wane, to go away, to reduce, to shrink
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | क्षयति | क्षयतः | क्षयन्ति |
| मध्यम | क्षयसि | क्षयथः | क्षयथ |
| उत्तम | क्षयामि | क्षयावः | क्षयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: क्षयति · लिट्: चिक्षाय · लुट्: क्षेता · लृट्: क्षेष्यति · लोट्: क्षयतात् · लङ्: अक्षयत् · विधिलिङ्: क्षयेत् · आशीर्लिङ्: क्षीयात् · लुङ्: अक्षैषीत् · लृङ्: अक्षेष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: क्षयण · ण्वुल्: क्षायकः · तृच्: क्षेता · यत्: क्षेयः · तव्य: क्षेतव्यः · अनीयर्: क्षयणीयः · क्त: क्षितः · क्तवतु: क्षितवान् · शतृ: क्षयन् · स्य-शतृ: क्षेष्यन् · क्त्वा: क्षित्वा · ल्यप्: प्रक्षित्य · तुमुन्: क्षेतुम् · णमुल्: क्षायम् · क्तिन्: क्षिति · क्वसु: चिक्षिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| क्षयति | क्षि धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: क्षयता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: क्षय + तल् (भाववाचक) | क्षयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्षि + शतृ |
क्षयति ➤ नष्ट होना, सूक्ष्म होना, ह्रास होना, कम होना
संस्कृत: क्षये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड