२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत्) या अर्थ (जाना, read) से खोजें
क्षि (क्षि)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0269
धात्वर्थ: क्षये — नष्ट होना, सूक्ष्म होना, ह्रास होना, कम होना (to decay, to get killed, to get destroyed, to wane, to go away, to reduce, to shrink)
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
क्षयति
क्षयतः
क्षयन्ति
मध्यम
क्षयसि
क्षयथः
क्षयथ
उत्तम
क्षयामि
क्षयावः
क्षयामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
क्षयतात् / क्षयताद् / क्षयतु
क्षयताम्
क्षयन्तु
मध्यम
क्षय / क्षयतात् / क्षयताद्
क्षयतम्
क्षयत
उत्तम
क्षयाणि
क्षयाव
क्षयाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अक्षयत् / अक्षयद्
अक्षयताम्
अक्षयन्
मध्यम
अक्षयः
अक्षयतम्
अक्षयत
उत्तम
अक्षयम्
अक्षयाव
अक्षयाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
क्षयेत् / क्षयेद्
क्षयेताम्
क्षयेयुः
मध्यम
क्षयेः
क्षयेतम्
क्षयेत
उत्तम
क्षयेयम्
क्षयेव
क्षयेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
क्षेष्यति
क्षेष्यतः
क्षेष्यन्ति
मध्यम
क्षेष्यसि
क्षेष्यथः
क्षेष्यथ
उत्तम
क्षेष्यामि
क्षेष्यावः
क्षेष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
क्षेता
क्षेतारौ
क्षेतारः
मध्यम
क्षेतासि
क्षेतास्थः
क्षेतास्थ
उत्तम
क्षेतास्मि
क्षेतास्वः
क्षेतास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
चिक्षाय
चिक्षियतुः
चिक्षियुः
मध्यम
चिक्षयिथ / चिक्षेथ
चिक्षियथुः
चिक्षिय
उत्तम
चिक्षय / चिक्षाय
चिक्षियिव
चिक्षियिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अक्षैषीत् / अक्षैषीद्
अक्षैष्टाम्
अक्षैषुः
मध्यम
अक्षैषीः
अक्षैष्टम्
अक्षैष्ट
उत्तम
अक्षैषम्
अक्षैष्व
अक्षैष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
क्षीयात् / क्षीयाद्
क्षीयास्ताम्
क्षीयासुः
मध्यम
क्षीयाः
क्षीयास्तम्
क्षीयास्त
उत्तम
क्षीयासम्
क्षीयास्व
क्षीयास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अक्षेष्यत् / अक्षेष्यद्
अक्षेष्यताम्
अक्षेष्यन्
मध्यम
अक्षेष्यः
अक्षेष्यतम्
अक्षेष्यत
उत्तम
अक्षेष्यम्
अक्षेष्याव
अक्षेष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
क्षीयते
क्षीयेते
क्षीयन्ते
मध्यम
क्षीयसे
क्षीयेथे
क्षीयध्वे
उत्तम
क्षीये
क्षीयावहे
क्षीयामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
क्षीयताम्
क्षीयेताम्
क्षीयन्ताम्
मध्यम
क्षीयस्व
क्षीयेथाम्
क्षीयध्वम्
उत्तम
क्षीयै
क्षीयावहै
क्षीयामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अक्षीयत
अक्षीयेताम्
अक्षीयन्त
मध्यम
अक्षीयथाः
अक्षीयेथाम्
अक्षीयध्वम्
उत्तम
अक्षीये
अक्षीयावहि
अक्षीयामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
क्षीयेत
क्षीयेयाताम्
क्षीयेरन्
मध्यम
क्षीयेथाः
क्षीयेयाथाम्
क्षीयेध्वम्
उत्तम
क्षीयेय
क्षीयेवहि
क्षीयेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
क्षायिष्यते / क्षेष्यते
क्षायिष्येते / क्षेष्येते
क्षायिष्यन्ते / क्षेष्यन्ते
मध्यम
क्षायिष्यसे / क्षेष्यसे
क्षायिष्येथे / क्षेष्येथे
क्षायिष्यध्वे / क्षेष्यध्वे
उत्तम
क्षायिष्ये / क्षेष्ये
क्षायिष्यावहे / क्षेष्यावहे
क्षायिष्यामहे / क्षेष्यामहे
प्रत्यय
प्रयोग / अर्थ
प्रातिपदिक / अव्यय
पुंलिङ्ग
स्त्रीलिङ्ग
नपुंसकलिङ्ग
ल्युट्
भाववाचक/करणवाचक कृदन्त
क्षयण
—
—
क्षयणम्
ण्वुल्
कर्तृवाचक कृदन्त
क्षायक
क्षायकः
क्षायिका
क्षायकम्
तृच्
कर्तृवाचक कृदन्त
क्षेतृ
क्षेता
क्षेत्री
क्षेतृ
यत्
विध्यर्थक कृदन्त
क्षेय
क्षेयः
क्षेया
क्षेयम्
तव्य
विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए)
क्षेतव्य
क्षेतव्यः
क्षेतव्या
क्षेतव्यम्
अनीयर्
विध्यर्थक कृदन्त
क्षयणीय
क्षयणीयः
क्षयणीया
क्षयणीयम्
क्त
भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा)
क्षित
क्षितः
क्षिता
क्षितम्
क्तवतु
भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा)
क्षितवत्
क्षितवान्
क्षितवती
क्षितवत् / क्षितवद्
शतृ
वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद)
क्षयत्
क्षयन्
क्षयन्ती
क्षयत् / क्षयद्
स्य-शतृ
भविष्यत्कालिक कृदन्त
क्षेष्यत्
क्षेष्यन्
क्षेष्यती / क्षेष्यन्ती
क्षेष्यत् / क्षेष्यद्
क्त्वा
पूर्वकालिक अव्यय (करके)
क्षित्वा
—
—
—
ल्यप्
पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके)
प्रक्षित्य
—
—
—
तुमुन्
निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए)
क्षेतुम्
—
—
—
णमुल्
पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय
क्षायम्
—
—
—
क्तिन्
भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त
क्षिति
—
क्षितिः
—
क्वसु
भूतकालिक (लिट्) कृदन्त
चिक्षिवस्
चिक्षिवान्
चिक्षुषी
चिक्षिवत् / चिक्षिवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।
ⓘ धातुपाठ व धातुरूप-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (मुक्त डेटा)। कुछ धातुओं के वैकल्पिक/वैदिक रूप "/" से दिखाये गये हैं। शब्दों के रूप हेतु शब्द-रूपावली, श्लोक-विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।