॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: भेजना, फेंकना, उड़ाना
संस्कृत: प्रेरणे
अंग्रेज़ी: to throw, to send, to make fly
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | क्षिपति | क्षिपतः | क्षिपन्ति |
| मध्यम | क्षिपसि | क्षिपथः | क्षिपथ |
| उत्तम | क्षिपामि | क्षिपावः | क्षिपामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: क्षिपति · लट् (आत्मने.): क्षिपते · लिट्: चिक्षेप · लिट् (आत्मने.): चिक्षिपे · लुट्: क्षेप्ता · लुट् (आत्मने.): क्षेप्ता · लृट्: क्षेप्स्यति · लृट् (आत्मने.): क्षेप्स्यते · लोट्: क्षिपतात् · लोट् (आत्मने.): क्षिपताम् · लङ्: अक्षिपत् · लङ् (आत्मने.): अक्षिपत · विधिलिङ्: क्षिपेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): क्षिपेत · आशीर्लिङ्: क्षिप्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): क्षिप्सीष्ट · लुङ्: अक्षैप्सीत् · लुङ् (आत्मने.): अक्षिप्त · लृङ्: अक्षेप्स्यत् · लृङ् (आत्मने.): अक्षेप्स्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: क्षेपण · ण्वुल्: क्षेपकः · तृच्: क्षेप्ता · ण्यत्: क्षेप्यः · तव्य: क्षेप्तव्यः · अनीयर्: क्षेपणीयः · क्त: क्षिप्तः · क्तवतु: क्षिप्तवान् · शतृ: क्षिपन् · स्य-शतृ: क्षेप्स्यन् · शानच्: क्षिपमाणः · क्त्वा: क्षिप्त्वा · ल्यप्: प्रक्षिप्य · तुमुन्: क्षेप्तुम् · णमुल्: क्षेपम् · घञ्: क्षेपः · क्तिन्: क्षिप्ति · क्वसु: चिक्षिप्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| क्षिपति | क्षिप् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: क्षिपता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: क्षिप + तल् (भाववाचक) | क्षिपत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्षिप् + शतृ |
क्षिपति ➤ भेजना, फेंकना, उड़ाना
संस्कृत: प्रेरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड