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🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

खण्डति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

खण्डति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

खण्डति

अर्थ: टुकड़े करना, खण्डित करना, काटना, विभाग करना

संस्कृत: भेदने

अंग्रेज़ी: to break in pieces,to break,to cut,to tear to pieces

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. खण्ड् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. खण्डत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: खण्ड् + शतृ
  3. खण्डत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: खण्ड् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — खण्ड् (चुरादिगण) · अर्थ: टुकड़े करना, खण्डित करना, काटना, विभाग करना (भेदने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमखण्डति / खण्डयतिखण्डतः / खण्डयतःखण्डन्ति / खण्डयन्ति
मध्यमखण्डयसि / खण्डसिखण्डथः / खण्डयथःखण्डथ / खण्डयथ
उत्तमखण्डयामि / खण्डामिखण्डयावः / खण्डावःखण्डयामः / खण्डामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: खण्डति · लट् (आत्मने.): खण्डयते · लिट्: खण्डयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): खण्डयाञ्चक्रे · लुट्: खण्डयिता · लुट् (आत्मने.): खण्डयिता · लृट्: खण्डयिष्यति · लृट् (आत्मने.): खण्डयिष्यते · लोट्: खण्डतात् · लोट् (आत्मने.): खण्डयताम् · लङ्: अखण्डत् · लङ् (आत्मने.): अखण्डयत · विधिलिङ्: खण्डयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): खण्डयेत · आशीर्लिङ्: खण्ड्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): खण्डयिषीष्ट · लुङ्: अखण्डीत् · लुङ् (आत्मने.): अचखण्डत · लृङ्: अखण्डयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अखण्डयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: खण्डन · ण्वुल्: खण्डकः · तृच्: खण्डिता · यत्: खण्ड्यः · ण्यत्: खण्ड्यः · तव्य: खण्डितव्यः · अनीयर्: खण्डनीयः · क्त: खण्डितः · क्तवतु: खण्डितवान् · शतृ: खण्डन् · स्य-शतृ: खण्डिष्यन् · शानच्: खण्डयमानः · क्त्वा: खण्डित्वा · ल्यप्: प्रखण्ड्य · तुमुन्: खण्डितुम् · णमुल्: खण्डम् · घञ्: खण्डः · क्तिन्: खण्टि · क्वसु: चखण्ड्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
खण्डतिखण्ड् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: खण्डत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: खण्ड् + शतृ | खण्डत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: खण्ड् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

खण्डति ➤ टुकड़े करना, खण्डित करना, काटना, विभाग करना
संस्कृत: भेदने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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