॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: स्थिर रहना,मार डालना, सताना, खाना
संस्कृत: स्थैर्ये हिंसायां भक्षणे च
अंग्रेज़ी: to be firm,to be steady, to hurt, to kill, to eat, to consume, to bite
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | खदति | खदतः | खदन्ति |
| मध्यम | खदसि | खदथः | खदथ |
| उत्तम | खदामि | खदावः | खदामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: खदति · लिट्: चखाद · लुट्: खदिता · लृट्: खदिष्यति · लोट्: खदतात् · लङ्: अखदत् · विधिलिङ्: खदेत् · आशीर्लिङ्: खद्यात् · लुङ्: अखदीत् · लृङ्: अखदिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: खदन · ण्वुल्: खादकः · तृच्: खदिता · ण्यत्: खाद्यः · तव्य: खदितव्यः · अनीयर्: खदनीयः · क्त: खदितः · क्तवतु: खदितवान् · शतृ: खदन् · स्य-शतृ: खदिष्यन् · क्त्वा: खदित्वा · ल्यप्: प्रखद्य · तुमुन्: खदितुम् · णमुल्: खादम् · घञ्: खादः · क्तिन्: खत्ति · क्वसु: चखद्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| खदति | खद् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: खदत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: खद् + शतृ | खदता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: खद् + अच् · तद्धित: खद + तल् (भाववाचक) |
खदति ➤ स्थिर रहना,मार डालना, सताना, खाना
संस्कृत: स्थैर्ये हिंसायां भक्षणे च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड