॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: खोदना, सताना, दुख देना, स्थिर रहना (कर्तृवाचक कृदन्त)
संस्कृत: खदने
अंग्रेज़ी: to dig, to irritate, to cause pain, to be steady
व्युत्पत्ति: खर्व्+ड+टाप्
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
📗 शब्द-रूपावली में पूरी तालिका 📘 धातु-रूपावली में सभी लकार
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | खाः | खौ | खाः |
| द्वितीया | खाम् | खौ | खः |
| तृतीया | खा | खाभ्याम् | खाभिः |
| चतुर्थी | खे | खाभ्याम् | खाभ्यः |
| पञ्चमी | खः | खाभ्याम् | खाभ्यः |
| षष्ठी | खः | खोः | खाम् |
| सप्तमी | खि | खोः | खासु |
| सम्बोधन | हे खाः | हे खौ | हे खाः |
रंगीन खाना = आपका लिखा रूप। रूप प्रतिमान (paradigm) से बने हैं; कुछ शब्दों के वैकल्पिक/आर्ष रूप भिन्न हो सकते हैं।
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | खायति | खायतः | खायन्ति |
| मध्यम | खायसि | खायथः | खायथ |
| उत्तम | खायामि | खायावः | खायामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: खायति · लिट्: चखौ · लुट्: खाता · लृट्: खास्यति · लोट्: खायतात् · लङ्: अखायत् · विधिलिङ्: खायेत् · आशीर्लिङ्: खायात् · लुङ्: अखासीत् · लृङ्: अखास्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: खान · ण्वुल्: खायकः · तृच्: खाता · यत्: खेयः · तव्य: खातव्यः · अनीयर्: खानीयः · क्त: खातः · क्तवतु: खातवान् · शतृ: खायन् · स्य-शतृ: खास्यन् · क्त्वा: खात्वा · ल्यप्: प्रखाय · तुमुन्: खातुम् · णमुल्: खायम् · घञ्: खायः · क्तिन्: खाति · क्वसु: चखिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| खाः | खा (पुं.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: खै + अच् अन्य सम्भावना: खा (पुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: खै + अच् | खा (स्त्री.) — प्रथमा विभक्ति, बहुवचन |
खाः ➤ खोदना, सताना, दुख देना, स्थिर रहना (कर्तृवाचक कृदन्त)
संस्कृत: खदने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड