🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 08:19:39 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

गदयति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

गदयति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

गदयति

अर्थ: मेघ की गर्जना होना

संस्कृत: देवशब्दे

अंग्रेज़ी: to have thunderstorm, to have cloud collision

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. गद धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. गद धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  3. गदयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: गद + शतृ
  4. गदयत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: गद + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — गद (चुरादिगण) · अर्थ: मेघ की गर्जना होना (देवशब्दे)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमगदयतिगदयतःगदयन्ति
मध्यमगदयसिगदयथःगदयथ
उत्तमगदयामिगदयावःगदयामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: गदयति · लट् (आत्मने.): गदयते · लिट्: गदयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): गदयाञ्चक्रे · लुट्: गदयिता · लुट् (आत्मने.): गदयिता · लृट्: गदयिष्यति · लृट् (आत्मने.): गदयिष्यते · लोट्: गदयतात् · लोट् (आत्मने.): गदयताम् · लङ्: अगदयत् · लङ् (आत्मने.): अगदयत · विधिलिङ्: गदयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): गदयेत · आशीर्लिङ्: गद्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): गदयिषीष्ट · लुङ्: अजगदत् · लुङ् (आत्मने.): अजगदत · लृङ्: अगदयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अगदयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गदन · ण्वुल्: गदकः · तृच्: गदयिता · यत्: गद्यः · तव्य: गदयितव्यः · अनीयर्: गदनीयः · क्त: गदितः · क्तवतु: गदितवान् · शतृ: गदयन् · स्य-शतृ: गदयिष्यन् · शानच्: गदयमानः · क्त्वा: गदयित्वा · ल्यप्: प्रगदय्य · तुमुन्: गदयितुम् · णमुल्: गदम् · क्तिन्: गत्ति · क्वसु: गदयाम्बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
गदयतिगद धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: गद धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | गदयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: गद + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

गदयति ➤ मेघ की गर्जना होना
संस्कृत: देवशब्दे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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