॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: नष्ट करना, मर्म भेद करना
संस्कृत: विलोडने
अंग्रेज़ी: to destroy, to counterattack
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | गाहते | गाहेते | गाहन्ते |
| मध्यम | गाहसे | गाहेथे | गाहध्वे |
| उत्तम | गाहे | गाहावहे | गाहामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): गाहते · लिट् (आत्मने.): जगाहे · लुट् (आत्मने.): गाढा · लृट् (आत्मने.): गाहिष्यते · लोट् (आत्मने.): गाहताम् · लङ् (आत्मने.): अगाहत · विधिलिङ् (आत्मने.): गाहेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): गाहिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अगाढ · लृङ् (आत्मने.): अगाहिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गाहन · ण्वुल्: गाहकः · तृच्: गाढा · ण्यत्: गाह्यः · तव्य: गाढव्यः · अनीयर्: गाहनीयः · क्त: गाढः · क्तवतु: गाढवान् · शानच्: गाहमानः · क्त्वा: गाढ्वा · ल्यप्: प्रगाह्य · तुमुन्: गाढुम् · णमुल्: गाहम् · घञ्: गाहः · क्तिन्: गाढि · क्वसु: जगाह्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| गाहते | गाह् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: गाहता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: गाह + तल् (भाववाचक) | गाहता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · तद्धित: गाह + तल् (भाववाचक) |
गाहते ➤ नष्ट करना, मर्म भेद करना
संस्कृत: विलोडने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड