२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
गाह् (गाहूँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0736
धात्वर्थ: विलोडने — नष्ट करना, मर्म भेद करना (to destroy, to counterattack)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाहते गाहेते गाहन्ते मध्यम गाहसे गाहेथे गाहध्वे उत्तम गाहे गाहावहे गाहामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाहताम् गाहेताम् गाहन्ताम् मध्यम गाहस्व गाहेथाम् गाहध्वम् उत्तम गाहै गाहावहै गाहामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगाहत अगाहेताम् अगाहन्त मध्यम अगाहथाः अगाहेथाम् अगाहध्वम् उत्तम अगाहे अगाहावहि अगाहामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाहेत गाहेयाताम् गाहेरन् मध्यम गाहेथाः गाहेयाथाम् गाहेध्वम् उत्तम गाहेय गाहेवहि गाहेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाहिष्यते / घाक्ष्यते गाहिष्येते / घाक्ष्येते गाहिष्यन्ते / घाक्ष्यन्ते मध्यम गाहिष्यसे / घाक्ष्यसे गाहिष्येथे / घाक्ष्येथे गाहिष्यध्वे / घाक्ष्यध्वे उत्तम गाहिष्ये / घाक्ष्ये गाहिष्यावहे / घाक्ष्यावहे गाहिष्यामहे / घाक्ष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाढा / गाहिता गाढारौ / गाहितारौ गाढारः / गाहितारः मध्यम गाढासे / गाहितासे गाढासाथे / गाहितासाथे गाढाध्वे / गाहिताध्वे उत्तम गाढाहे / गाहिताहे गाढास्वहे / गाहितास्वहे गाढास्महे / गाहितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जगाहे जगाहाते जगाहिरे मध्यम जगाहिषे / जघाक्षे जगाहाथे जगाहिढ्वे / जगाहिध्वे / जघाढ्वे उत्तम जगाहे जगाहिवहे / जगाह्वहे जगाहिमहे / जगाह्महे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगाढ / अगाहिष्ट अगाहिषाताम् / अघाक्षाताम् अगाहिषत / अघाक्षत मध्यम अगाढाः / अगाहिष्ठाः अगाहिषाथाम् / अघाक्षाथाम् अगाहिढ्वम् / अगाहिध्वम् / अघाढ्वम् उत्तम अगाहिषि / अघाक्षि अगाहिष्वहि / अघाक्ष्वहि अगाहिष्महि / अघाक्ष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाहिषीष्ट / घाक्षीष्ट गाहिषीयास्ताम् / घाक्षीयास्ताम् गाहिषीरन् / घाक्षीरन् मध्यम गाहिषीष्ठाः / घाक्षीष्ठाः गाहिषीयास्थाम् / घाक्षीयास्थाम् गाहिषीढ्वम् / गाहिषीध्वम् / घाक्षीध्वम् उत्तम गाहिषीय / घाक्षीय गाहिषीवहि / घाक्षीवहि गाहिषीमहि / घाक्षीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगाहिष्यत / अघाक्ष्यत अगाहिष्येताम् / अघाक्ष्येताम् अगाहिष्यन्त / अघाक्ष्यन्त मध्यम अगाहिष्यथाः / अघाक्ष्यथाः अगाहिष्येथाम् / अघाक्ष्येथाम् अगाहिष्यध्वम् / अघाक्ष्यध्वम् उत्तम अगाहिष्ये / अघाक्ष्ये अगाहिष्यावहि / अघाक्ष्यावहि अगाहिष्यामहि / अघाक्ष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाह्यते गाह्येते गाह्यन्ते मध्यम गाह्यसे गाह्येथे गाह्यध्वे उत्तम गाह्ये गाह्यावहे गाह्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाह्यताम् गाह्येताम् गाह्यन्ताम् मध्यम गाह्यस्व गाह्येथाम् गाह्यध्वम् उत्तम गाह्यै गाह्यावहै गाह्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगाह्यत अगाह्येताम् अगाह्यन्त मध्यम अगाह्यथाः अगाह्येथाम् अगाह्यध्वम् उत्तम अगाह्ये अगाह्यावहि अगाह्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाह्येत गाह्येयाताम् गाह्येरन् मध्यम गाह्येथाः गाह्येयाथाम् गाह्येध्वम् उत्तम गाह्येय गाह्येवहि गाह्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाहिष्यते / घाक्ष्यते गाहिष्येते / घाक्ष्येते गाहिष्यन्ते / घाक्ष्यन्ते मध्यम गाहिष्यसे / घाक्ष्यसे गाहिष्येथे / घाक्ष्येथे गाहिष्यध्वे / घाक्ष्यध्वे उत्तम गाहिष्ये / घाक्ष्ये गाहिष्यावहे / घाक्ष्यावहे गाहिष्यामहे / घाक्ष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त गाहन — — गाहनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त गाहक गाहकः गाहिका गाहकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त गाढृ गाढा गाढ्री गाढृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त गाह्य गाह्यः गाह्या गाह्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) गाढव्य गाढव्यः गाढव्या गाढव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त गाहनीय गाहनीयः गाहनीया गाहनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) गाढ गाढः गाढा गाढम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) गाढवत् गाढवान् गाढवती गाढवत् / गाढवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) गाहमान गाहमानः गाहमाना गाहमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) गाढ्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रगाह्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) गाढुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय गाहम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त गाह गाहः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त गाढि — गाढिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त जगाह्वस् जगाह्वान् जगाहुषी जगाह्वत् / जगाह्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।