॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: कांपना, जाना
संस्कृत: कम्पने गतौ च
अंग्रेज़ी: to tremble,to shake, to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | गेपते | गेपेते | गेपन्ते |
| मध्यम | गेपसे | गेपेथे | गेपध्वे |
| उत्तम | गेपे | गेपावहे | गेपामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): गेपते · लिट् (आत्मने.): जिगेपे · लुट् (आत्मने.): गेपिता · लृट् (आत्मने.): गेपिष्यते · लोट् (आत्मने.): गेपताम् · लङ् (आत्मने.): अगेपत · विधिलिङ् (आत्मने.): गेपेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): गेपिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अगेपिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अगेपिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गेपन · ण्वुल्: गेपकः · तृच्: गेपिता · ण्यत्: गेप्यः · तव्य: गेपितव्यः · अनीयर्: गेपनीयः · क्त: गेपितः · क्तवतु: गेपितवान् · शानच्: गेपमानः · क्त्वा: गेपित्वा · ल्यप्: प्रगेप्य · तुमुन्: गेपितुम् · णमुल्: गेपम् · घञ्: गेपः · क्तिन्: गेप्ति · क्वसु: जिगेप्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| गेपते | गेप् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: गेपता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: गेप् + घञ् · तद्धित: गेप + तल् (भाववाचक) | गेपता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: गेप् + घञ् · तद्धित: गेप + तल् (भाववाचक) |
गेपते ➤ कांपना, जाना
संस्कृत: कम्पने गतौ च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड