॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: स्वच्छ करना, चमकाना, साफ करना
संस्कृत: कान्तिकरणे
अंग्रेज़ी: to cleanse, to purify
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | घुंषते | घुंषेते | घुंषन्ते |
| मध्यम | घुंषसे | घुंषेथे | घुंषध्वे |
| उत्तम | घुंषे | घुंषावहे | घुंषामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): घुंषते · लिट् (आत्मने.): जुघुंषे · लुट् (आत्मने.): घुंषिता · लृट् (आत्मने.): घुंषिष्यते · लोट् (आत्मने.): घुंषताम् · लङ् (आत्मने.): अघुंषत · विधिलिङ् (आत्मने.): घुंषेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): घुंषिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अघुंषिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अघुंषिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: घुंषण · ण्वुल्: घुंषकः · तृच्: घुंषिता · ण्यत्: घुंष्यः · तव्य: घुंषितव्यः · अनीयर्: घुंषणीयः · क्त: घुंषितः · क्तवतु: घुंषितवान् · शानच्: घुंषमाणः · क्त्वा: घुंषित्वा · ल्यप्: प्रघुंष्य · तुमुन्: घुंषितुम् · णमुल्: घुंषम् · घञ्: घुंषः · क्तिन्: घुंष्टि · क्वसु: जुघुंष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| घुंषते | घुंष् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: घुंषता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: घुंष् + घञ् · तद्धित: घुंष + तल् (भाववाचक) | घुंषता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: घुंष् + घञ् · तद्धित: घुंष + तल् (भाववाचक) |
घुंषते ➤ स्वच्छ करना, चमकाना, साफ करना
संस्कृत: कान्तिकरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड