🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:38:09 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

चष्टे

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

चष्टे

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

चष्टे

अर्थ: स्पष्ट बोलना

संस्कृत: व्यक्तायां वाचि

अंग्रेज़ी: to articulate, to speak clearly

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. चक्ष् धातु (अदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. चष्ट (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चक्ष् + क्त
  3. चष्ट (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चक्ष् + क्त
  4. चष्टि (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: चष् + क्तिन्
  5. चष्टा (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: चक्ष् + क्त
  6. चष्ट (नपुं.) — प्रथमा विभक्ति, द्विवचन · कृदन्त: चक्ष् + क्त
  7. चष्ट (नपुं.) — द्वितीया विभक्ति, द्विवचन · कृदन्त: चक्ष् + क्त
  8. चष्टा (स्त्री.) — प्रथमा विभक्ति, द्विवचन · कृदन्त: चक्ष् + क्त

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — चक्ष् (अदादिगण) · अर्थ: स्पष्ट बोलना (व्यक्तायां वाचि)

लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमचष्टेचक्षातेचक्षते
मध्यमचक्षेचक्षाथेचड्ढ्वे
उत्तमचक्षेचक्ष्वहेचक्ष्महे

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): चष्टे · लिट्: चक्शौ · लिट् (आत्मने.): चक्शे · लुट्: क्शाता · लुट् (आत्मने.): क्शाता · लृट्: क्शास्यति · लृट् (आत्मने.): क्शास्यते · लोट् (आत्मने.): चष्टाम् · लङ् (आत्मने.): अचष्ट · विधिलिङ् (आत्मने.): चक्षीत · आशीर्लिङ्: क्शायात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): क्शासीष्ट · लुङ्: अक्शासीत् · लुङ् (आत्मने.): अक्शास्त · लृङ्: अक्शास्यत् · लृङ् (आत्मने.): अक्शास्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: चक्षण · ण्वुल्: चक्षकः · तृच्: चष्टा · ण्यत्: चक्ष्यः · तव्य: चष्टव्यः · अनीयर्: चक्षणीयः · क्त: चष्टः · क्तवतु: चष्टवान् · स्य-शतृ: क्शास्यन् · शानच्: चक्षाणः · क्त्वा: चष्ट्वा · ल्यप्: प्रचक्ष्य · तुमुन्: चष्टुम् · णमुल्: चक्षम् · घञ्: चक्षः · क्तिन्: चष्टि · क्वसु: चचक्ष्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
चष्टेचक्ष् धातु (अदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: चष्ट (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चक्ष् + क्त | चष्ट (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चक्ष् + क्त

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

चष्टे ➤ स्पष्ट बोलना
संस्कृत: व्यक्तायां वाचि

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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