॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: स्पष्ट बोलना
संस्कृत: व्यक्तायां वाचि
अंग्रेज़ी: to articulate, to speak clearly
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | चष्टे | चक्षाते | चक्षते |
| मध्यम | चक्षे | चक्षाथे | चड्ढ्वे |
| उत्तम | चक्षे | चक्ष्वहे | चक्ष्महे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): चष्टे · लिट्: चक्शौ · लिट् (आत्मने.): चक्शे · लुट्: क्शाता · लुट् (आत्मने.): क्शाता · लृट्: क्शास्यति · लृट् (आत्मने.): क्शास्यते · लोट् (आत्मने.): चष्टाम् · लङ् (आत्मने.): अचष्ट · विधिलिङ् (आत्मने.): चक्षीत · आशीर्लिङ्: क्शायात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): क्शासीष्ट · लुङ्: अक्शासीत् · लुङ् (आत्मने.): अक्शास्त · लृङ्: अक्शास्यत् · लृङ् (आत्मने.): अक्शास्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: चक्षण · ण्वुल्: चक्षकः · तृच्: चष्टा · ण्यत्: चक्ष्यः · तव्य: चष्टव्यः · अनीयर्: चक्षणीयः · क्त: चष्टः · क्तवतु: चष्टवान् · स्य-शतृ: क्शास्यन् · शानच्: चक्षाणः · क्त्वा: चष्ट्वा · ल्यप्: प्रचक्ष्य · तुमुन्: चष्टुम् · णमुल्: चक्षम् · घञ्: चक्षः · क्तिन्: चष्टि · क्वसु: चचक्ष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| चष्टे | चक्ष् धातु (अदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: चष्ट (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चक्ष् + क्त | चष्ट (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चक्ष् + क्त |
चष्टे ➤ स्पष्ट बोलना
संस्कृत: व्यक्तायां वाचि
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड