॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: पालना, बढ़ाना
संस्कृत: भृतौ
अंग्रेज़ी: to foster,to bring up, to cherish
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | चालयति | चालयतः | चालयन्ति |
| मध्यम | चालयसि | चालयथः | चालयथ |
| उत्तम | चालयामि | चालयावः | चालयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: चालयति · लट् (आत्मने.): चालयते · लिट्: चालयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): चालयाञ्चक्रे · लुट्: चालयिता · लुट् (आत्मने.): चालयिता · लृट्: चालयिष्यति · लृट् (आत्मने.): चालयिष्यते · लोट्: चालयतात् · लोट् (आत्मने.): चालयताम् · लङ्: अचालयत् · लङ् (आत्मने.): अचालयत · विधिलिङ्: चालयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): चालयेत · आशीर्लिङ्: चाल्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): चालयिषीष्ट · लुङ्: अचीचलत् · लुङ् (आत्मने.): अचीचलत · लृङ्: अचालयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अचालयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: चालन · ण्वुल्: चालकः · तृच्: चालयिता · यत्: चाल्यः · तव्य: चालयितव्यः · अनीयर्: चालनीयः · क्त: चालितः · क्तवतु: चालितवान् · शतृ: चालयन् · स्य-शतृ: चालयिष्यन् · शानच्: चालयमानः · क्त्वा: चालयित्वा · ल्यप्: प्रचाल्य · तुमुन्: चालयितुम् · णमुल्: चालम् · क्तिन्: चाल्ति · क्वसु: चालयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| चालयति | चल् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: चल् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | चल् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
चालयति ➤ पालना, बढ़ाना
संस्कृत: भृतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड