॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: कठिन जीवन व्यतीत करना
संस्कृत: कृच्छ्रजीवने
अंग्रेज़ी: to live miserably, to live hard life
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | छञ्जति / छञ्जयति | छञ्जतः / छञ्जयतः | छञ्जन्ति / छञ्जयन्ति |
| मध्यम | छञ्जयसि / छञ्जसि | छञ्जथः / छञ्जयथः | छञ्जथ / छञ्जयथ |
| उत्तम | छञ्जयामि / छञ्जामि | छञ्जयावः / छञ्जावः | छञ्जयामः / छञ्जामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: छञ्जति · लट् (आत्मने.): छञ्जयते · लिट्: चच्छञ्ज · लिट् (आत्मने.): छञ्जयाञ्चक्रे · लुट्: छञ्जयिता · लुट् (आत्मने.): छञ्जयिता · लृट्: छञ्जयिष्यति · लृट् (आत्मने.): छञ्जयिष्यते · लोट्: छञ्जतात् · लोट् (आत्मने.): छञ्जयताम् · लङ्: अच्छञ्जत् · लङ् (आत्मने.): अच्छञ्जयत · विधिलिङ्: छञ्जयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): छञ्जयेत · आशीर्लिङ्: छञ्ज्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): छञ्जयिषीष्ट · लुङ्: अचच्छञ्जत् · लुङ् (आत्मने.): अचच्छञ्जत · लृङ्: अच्छञ्जयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अच्छञ्जयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: छञ्जन · ण्वुल्: छञ्जकः · तृच्: छञ्जिता · यत्: छञ्ज्यः · ण्यत्: छञ्ज्यः · तव्य: छञ्जितव्यः · अनीयर्: छञ्जनीयः · क्त: छञ्जितः · क्तवतु: छञ्जितवान् · शतृ: छञ्जन् · स्य-शतृ: छञ्जिष्यन् · शानच्: छञ्जयमानः · क्त्वा: छञ्जित्वा · ल्यप्: प्रच्छज्य · तुमुन्: छञ्जितुम् · णमुल्: छञ्जम् · घञ्: छङ्गः · क्तिन्: छङ्क्ति · क्वसु: चच्छञ्ज्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| छञ्जति | छञ्ज् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: छञ्जत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: छञ्ज् + शतृ | छञ्जत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: छञ्ज् + शतृ |
छञ्जति ➤ कठिन जीवन व्यतीत करना
संस्कृत: कृच्छ्रजीवने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड