॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हटाना, छिपाना, आच्छादित करना
संस्कृत: अपवारणे
अंग्रेज़ी: to remove, to get rid of, to hide, to keep out of sight
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | छदति / छादयति | छदतः / छादयतः | छदन्ति / छादयन्ति |
| मध्यम | छदसि / छादयसि | छदथः / छादयथः | छदथ / छादयथ |
| उत्तम | छदामि / छादयामि | छदावः / छादयावः | छदामः / छादयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: छदति · लट् (आत्मने.): छादयते · लिट्: चच्छाद · लिट् (आत्मने.): छादयाञ्चक्रे · लुट्: छदिता · लुट् (आत्मने.): छादयिता · लृट्: छदिष्यति · लृट् (आत्मने.): छादयिष्यते · लोट्: छदतात् · लोट् (आत्मने.): छादयताम् · लङ्: अच्छदत् · लङ् (आत्मने.): अच्छादयत · विधिलिङ्: छदेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): छादयेत · आशीर्लिङ्: छद्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): छादयिषीष्ट · लुङ्: अचिच्छदत् · लुङ् (आत्मने.): अचिच्छदत · लृङ्: अच्छदिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अच्छादयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: छदन · ण्वुल्: छादकः · तृच्: छदिता · यत्: छाद्यः · ण्यत्: छाद्यः · तव्य: छदितव्यः · अनीयर्: छदनीयः · क्त: छदितः · क्तवतु: छदितवान् · शतृ: छदन् · स्य-शतृ: छदिष्यन् · शानच्: छादयमानः · क्त्वा: छदित्वा · ल्यप्: प्रच्छद्य · तुमुन्: छदितुम् · णमुल्: छादम् · घञ्: छादः · क्तिन्: छत्ति · क्वसु: चच्छद्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| छदति | छद् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: छद् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | छदता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: छद + तल् (भाववाचक) |
छदति ➤ हटाना, छिपाना, आच्छादित करना
संस्कृत: अपवारणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड