॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: छिन्न भिन्न करना
संस्कृत: द्वैधीकरणे
अंग्रेज़ी: to cut,to grind, to truncate, to incise
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | छिनत्ति | छिन्तः / छिन्त्तः | छिन्दन्ति |
| मध्यम | छिनत्सि | छिन्त्थः / छिन्थः | छिन्त्थ / छिन्थ |
| उत्तम | छिनद्मि | छिन्द्वः | छिन्द्मः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: छिनत्ति · लट् (आत्मने.): छिन्ते · लिट्: चिच्छेद · लिट् (आत्मने.): चिच्छिदे · लुट्: छेत्ता · लुट् (आत्मने.): छेत्ता · लृट्: छेत्स्यति · लृट् (आत्मने.): छेत्स्यते · लोट्: छिनत्तु · लोट् (आत्मने.): छिन्ताम् · लङ्: अच्छिनत् · लङ् (आत्मने.): अच्छिन्त · विधिलिङ्: छिन्द्यात् · विधिलिङ् (आत्मने.): छिन्दीत · आशीर्लिङ्: छिद्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): छित्सीष्ट · लुङ्: अच्छिदत् · लुङ् (आत्मने.): अच्छित्त · लृङ्: अच्छेत्स्यत् · लृङ् (आत्मने.): अच्छेत्स्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: छेदन · ण्वुल्: छेदकः · तृच्: छेत्ता · ण्यत्: छेद्यः · तव्य: छेत्तव्यः · अनीयर्: छेदनीयः · क्त: छिन्नः · क्तवतु: छिन्नवान् · शतृ: छिन्दन् · स्य-शतृ: छेत्स्यन् · शानच्: छिन्दानः · क्त्वा: छित्त्वा · ल्यप्: प्रच्छिद्य · तुमुन्: छेत्तुम् · णमुल्: छेदम् · घञ्: छेदः · क्तिन्: छित्ति · क्वसु: चिच्छिद्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| छिनत्ति | छिद् धातु (रुधादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
छिनत्ति ➤ छिन्न भिन्न करना
संस्कृत: द्वैधीकरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड