🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:22:49 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

छिनत्ति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

छिनत्ति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

छिनत्ति

अर्थ: छिन्न भिन्न करना

संस्कृत: द्वैधीकरणे

अंग्रेज़ी: to cut,to grind, to truncate, to incise

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. छिद् धातु (रुधादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — छिद् (रुधादिगण) · अर्थ: छिन्न भिन्न करना (द्वैधीकरणे)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमछिनत्तिछिन्तः / छिन्त्तःछिन्दन्ति
मध्यमछिनत्सिछिन्त्थः / छिन्थःछिन्त्थ / छिन्थ
उत्तमछिनद्मिछिन्द्वःछिन्द्मः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: छिनत्ति · लट् (आत्मने.): छिन्ते · लिट्: चिच्छेद · लिट् (आत्मने.): चिच्छिदे · लुट्: छेत्ता · लुट् (आत्मने.): छेत्ता · लृट्: छेत्स्यति · लृट् (आत्मने.): छेत्स्यते · लोट्: छिनत्तु · लोट् (आत्मने.): छिन्ताम् · लङ्: अच्छिनत् · लङ् (आत्मने.): अच्छिन्त · विधिलिङ्: छिन्द्यात् · विधिलिङ् (आत्मने.): छिन्दीत · आशीर्लिङ्: छिद्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): छित्सीष्ट · लुङ्: अच्छिदत् · लुङ् (आत्मने.): अच्छित्त · लृङ्: अच्छेत्स्यत् · लृङ् (आत्मने.): अच्छेत्स्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: छेदन · ण्वुल्: छेदकः · तृच्: छेत्ता · ण्यत्: छेद्यः · तव्य: छेत्तव्यः · अनीयर्: छेदनीयः · क्त: छिन्नः · क्तवतु: छिन्नवान् · शतृ: छिन्दन् · स्य-शतृ: छेत्स्यन् · शानच्: छिन्दानः · क्त्वा: छित्त्वा · ल्यप्: प्रच्छिद्य · तुमुन्: छेत्तुम् · णमुल्: छेदम् · घञ्: छेदः · क्तिन्: छित्ति · क्वसु: चिच्छिद्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
छिनत्तिछिद् धातु (रुधादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

छिनत्ति ➤ छिन्न भिन्न करना
संस्कृत: द्वैधीकरणे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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