🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:23:41 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

छृणत्ति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

छृणत्ति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

छृणत्ति

अर्थ: चमकना, प्रकाशित होना, क्रीड़ा करना, खेलना

संस्कृत: दीप्तिदेवनयोः

अंग्रेज़ी: to glow, to shine,to play

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. छृद् धातु (रुधादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — छृद् (रुधादिगण) · अर्थ: चमकना, प्रकाशित होना, क्रीड़ा करना, खेलना (दीप्तिदेवनयोः)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमछृणत्तिछृन्तः / छृन्त्तःछृन्दन्ति
मध्यमछृणत्सिछृन्त्थः / छृन्थःछृन्त्थ / छृन्थ
उत्तमछृणद्मिछृन्द्वःछृन्द्मः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: छृणत्ति · लट् (आत्मने.): छृन्ते · लिट्: चच्छर्द · लिट् (आत्मने.): चच्छृदे · लुट्: छर्दिता · लुट् (आत्मने.): छर्दिता · लृट्: छर्त्स्यति · लृट् (आत्मने.): छर्त्स्यते · लोट्: छृणत्तु · लोट् (आत्मने.): छृन्ताम् · लङ्: अच्छृणत् · लङ् (आत्मने.): अच्छृन्त · विधिलिङ्: छृन्द्यात् · विधिलिङ् (आत्मने.): छृन्दीत · आशीर्लिङ्: छृद्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): छर्दिषीष्ट · लुङ्: अच्छर्दीत् · लुङ् (आत्मने.): अच्छर्दिष्ट · लृङ्: अच्छर्त्स्यत् · लृङ् (आत्मने.): अच्छर्त्स्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: छर्दन · ण्वुल्: छर्दकः · तृच्: छर्दिता · तव्य: छर्दितव्यः · अनीयर्: छर्दनीयः · क्त: छृण्णः · क्तवतु: छृण्णवान् · शतृ: छृन्दन् · स्य-शतृ: छर्त्स्यन् · शानच्: छृन्दानः · क्त्वा: छृत्त्वा · ल्यप्: प्रच्छृद्य · तुमुन्: छर्दितुम् · णमुल्: छर्दम् · घञ्: छर्दः · क्तिन्: छृत्ति · क्वसु: चच्छृद्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
छृणत्तिछृद् धातु (रुधादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

छृणत्ति ➤ चमकना, प्रकाशित होना, क्रीड़ा करना, खेलना
संस्कृत: दीप्तिदेवनयोः

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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