॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: तीक्ष्ण होना, तेजस्वी होना, पैना होना
संस्कृत: घातने
अंग्रेज़ी: to be sharp,to be pointed
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | जलति | जलतः | जलन्ति |
| मध्यम | जलसि | जलथः | जलथ |
| उत्तम | जलामि | जलावः | जलामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: जलति · लिट्: जजाल · लुट्: जलिता · लृट्: जलिष्यति · लोट्: जलतात् · लङ्: अजलत् · विधिलिङ्: जलेत् · आशीर्लिङ्: जल्यात् · लुङ्: अजालीत् · लृङ्: अजलिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: जलन · ण्वुल्: जालकः · तृच्: जलिता · ण्यत्: जाल्यः · तव्य: जलितव्यः · अनीयर्: जलनीयः · क्त: जलितः · क्तवतु: जलितवान् · शतृ: जलन् · स्य-शतृ: जलिष्यन् · क्त्वा: जलित्वा · ल्यप्: प्रजल्य · तुमुन्: जलितुम् · णमुल्: जालम् · घञ्: जालः · क्तिन्: जल्ति · क्वसु: जेलिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| जलति | जल् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: जलत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: जल् + शतृ | जलत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: जल् + शतृ |
जलति ➤ तीक्ष्ण होना, तेजस्वी होना, पैना होना
संस्कृत: घातने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड