॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बलात्कार करना
संस्कृत: प्रसह्यकरणे
अंग्रेज़ी: to take forcibly, to rape
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | जहर्ति | जहृतः | जह्रति |
| मध्यम | जहर्षि | जहृथः | जहृथ |
| उत्तम | जहर्मि | जहृवः | जहृमः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: जहर्ति · लिट्: जहार · लुट्: हर्ता · लृट्: हरिष्यति · लोट्: जहर्तु · लङ्: अजहः · विधिलिङ्: जहृयात् · आशीर्लिङ्: ह्रियात् · लुङ्: अहार्षीत् · लृङ्: अहरिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: हरण · ण्वुल्: हारकः · तृच्: हर्ता · ण्यत्: हार्यः · तव्य: हर्तव्यः · अनीयर्: हरणीयः · क्त: हृतः · क्तवतु: हृतवान् · शतृ: जह्रत्/जह्रद् · स्य-शतृ: हरिष्यन् · क्त्वा: हृत्वा · ल्यप्: प्रहृत्य · तुमुन्: हर्तुम् · णमुल्: हारम् · घञ्: हारः · क्तिन्: हृति · क्वसु: जहृवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| जहर्ति | हृ धातु (जुहोत्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
जहर्ति ➤ बलात्कार करना
संस्कृत: प्रसह्यकरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड