॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बोलना, कहना, प्रकाशित होना, चमकना, तर्क करना, कल्पना करना, वाद करना, शंका करना
संस्कृत: भाषायाम्
अंग्रेज़ी: to speak, to talk
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | तर्कति / तर्कयति | तर्कतः / तर्कयतः | तर्कन्ति / तर्कयन्ति |
| मध्यम | तर्कयसि / तर्कसि | तर्कथः / तर्कयथः | तर्कथ / तर्कयथ |
| उत्तम | तर्कयामि / तर्कामि | तर्कयावः / तर्कावः | तर्कयामः / तर्कामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: तर्कति · लट् (आत्मने.): तर्कयते · लिट्: ततर्क · लिट् (आत्मने.): तर्कयाञ्चक्रे · लुट्: तर्कयिता · लुट् (आत्मने.): तर्कयिता · लृट्: तर्कयिष्यति · लृट् (आत्मने.): तर्कयिष्यते · लोट्: तर्कतात् · लोट् (आत्मने.): तर्कयताम् · लङ्: अतर्कत् · लङ् (आत्मने.): अतर्कयत · विधिलिङ्: तर्कयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): तर्कयेत · आशीर्लिङ्: तर्क्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): तर्कयिषीष्ट · लुङ्: अततर्कत् · लुङ् (आत्मने.): अततर्कत · लृङ्: अतर्कयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अतर्कयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: तर्कण · ण्वुल्: तर्ककः · तृच्: तर्किता · यत्: तर्क्यः · ण्यत्: तर्क्यः · तव्य: तर्कितव्यः · अनीयर्: तर्कणीयः · क्त: तर्कितः · क्तवतु: तर्कितवान् · शतृ: तर्कन् · स्य-शतृ: तर्किष्यन् · शानच्: तर्कयमाणः · क्त्वा: तर्कित्वा · ल्यप्: प्रतर्क्य · तुमुन्: तर्कितुम् · णमुल्: तर्कम् · घञ्: तर्कः · क्तिन्: तर्क्ति · क्वसु: ततर्क्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| तर्कति | तर्क् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: तर्कता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: तर्क + तल् (भाववाचक) | तर्कत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तर्क् + शतृ |
तर्कति ➤ बोलना, कहना, प्रकाशित होना, चमकना, तर्क करना, कल्पना करना, वाद करना, शंका करना
संस्कृत: भाषायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड