॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: तेल लगाना, सिद्ध होना, चिकना होना
संस्कृत: स्नेहने
अंग्रेज़ी: to oil, to be greasy, to anoint
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | तिलति | तिलतः | तिलन्ति |
| मध्यम | तिलसि | तिलथः | तिलथ |
| उत्तम | तिलामि | तिलावः | तिलामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: तिलति · लिट्: तितेल · लुट्: तेलिता · लृट्: तेलिष्यति · लोट्: तिलतात् · लङ्: अतिलत् · विधिलिङ्: तिलेत् · आशीर्लिङ्: तिल्यात् · लुङ्: अतेलीत् · लृङ्: अतेलिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: तेलन · ण्वुल्: तेलकः · तृच्: तेलिता · ण्यत्: तेल्यः · तव्य: तेलितव्यः · अनीयर्: तेलनीयः · क्त: तिलितः · क्तवतु: तिलितवान् · शतृ: तिलन् · स्य-शतृ: तेलिष्यन् · क्त्वा: तिलित्वा · ल्यप्: प्रतिल्य · तुमुन्: तेलितुम् · णमुल्: तेलम् · घञ्: तेलः · क्तिन्: तिल्ति · क्वसु: तितिल्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| तिलति | तिल् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: तिलता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: तिल + तल् (भाववाचक) | तिलत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तिल् + शतृ |
तिलति ➤ तेल लगाना, सिद्ध होना, चिकना होना
संस्कृत: स्नेहने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड