🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:38:26 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

तृणत्ति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

तृणत्ति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

तृणत्ति

अर्थ: हिंसा करना, अपमान करना

संस्कृत: हिंसानादरयोः

अंग्रेज़ी: to kill,to destroy, to disregard, to insult

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. तृद् धातु (रुधादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — तृद् (रुधादिगण) · अर्थ: हिंसा करना, अपमान करना (हिंसानादरयोः)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमतृणत्तितृन्तः / तृन्त्तःतृन्दन्ति
मध्यमतृणत्सितृन्त्थः / तृन्थःतृन्त्थ / तृन्थ
उत्तमतृणद्मितृन्द्वःतृन्द्मः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: तृणत्ति · लट् (आत्मने.): तृन्ते · लिट्: ततर्द · लिट् (आत्मने.): ततृदे · लुट्: तर्दिता · लुट् (आत्मने.): तर्दिता · लृट्: तर्त्स्यति · लृट् (आत्मने.): तर्त्स्यते · लोट्: तृणत्तु · लोट् (आत्मने.): तृन्ताम् · लङ्: अतृणत् · लङ् (आत्मने.): अतृन्त · विधिलिङ्: तृन्द्यात् · विधिलिङ् (आत्मने.): तृन्दीत · आशीर्लिङ्: तृद्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): तर्दिषीष्ट · लुङ्: अतर्दीत् · लुङ् (आत्मने.): अतर्दिष्ट · लृङ्: अतर्त्स्यत् · लृङ् (आत्मने.): अतर्त्स्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: तर्दन · ण्वुल्: तर्दकः · तृच्: तर्दिता · तव्य: तर्दितव्यः · अनीयर्: तर्दनीयः · क्त: तृण्णः · क्तवतु: तृण्णवान् · शतृ: तृन्दन् · स्य-शतृ: तर्त्स्यन् · शानच्: तृन्दानः · क्त्वा: तृत्त्वा · ल्यप्: प्रतृद्य · तुमुन्: तर्दितुम् · णमुल्: तर्दम् · घञ्: तर्दः · क्तिन्: तृत्ति · क्वसु: ततृद्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
तृणत्तितृद् धातु (रुधादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

तृणत्ति ➤ हिंसा करना, अपमान करना
संस्कृत: हिंसानादरयोः

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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