॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिंसा करना, अपमान करना
संस्कृत: हिंसानादरयोः
अंग्रेज़ी: to kill,to destroy, to disregard, to insult
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | तृणत्ति | तृन्तः / तृन्त्तः | तृन्दन्ति |
| मध्यम | तृणत्सि | तृन्त्थः / तृन्थः | तृन्त्थ / तृन्थ |
| उत्तम | तृणद्मि | तृन्द्वः | तृन्द्मः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: तृणत्ति · लट् (आत्मने.): तृन्ते · लिट्: ततर्द · लिट् (आत्मने.): ततृदे · लुट्: तर्दिता · लुट् (आत्मने.): तर्दिता · लृट्: तर्त्स्यति · लृट् (आत्मने.): तर्त्स्यते · लोट्: तृणत्तु · लोट् (आत्मने.): तृन्ताम् · लङ्: अतृणत् · लङ् (आत्मने.): अतृन्त · विधिलिङ्: तृन्द्यात् · विधिलिङ् (आत्मने.): तृन्दीत · आशीर्लिङ्: तृद्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): तर्दिषीष्ट · लुङ्: अतर्दीत् · लुङ् (आत्मने.): अतर्दिष्ट · लृङ्: अतर्त्स्यत् · लृङ् (आत्मने.): अतर्त्स्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: तर्दन · ण्वुल्: तर्दकः · तृच्: तर्दिता · तव्य: तर्दितव्यः · अनीयर्: तर्दनीयः · क्त: तृण्णः · क्तवतु: तृण्णवान् · शतृ: तृन्दन् · स्य-शतृ: तर्त्स्यन् · शानच्: तृन्दानः · क्त्वा: तृत्त्वा · ल्यप्: प्रतृद्य · तुमुन्: तर्दितुम् · णमुल्: तर्दम् · घञ्: तर्दः · क्तिन्: तृत्ति · क्वसु: ततृद्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| तृणत्ति | तृद् धातु (रुधादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
तृणत्ति ➤ हिंसा करना, अपमान करना
संस्कृत: हिंसानादरयोः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड