॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्यास लगाना
संस्कृत: पिपासायाम्
अंग्रेज़ी: to be thirsty, to be desirous
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | तृष्यति | तृष्यतः | तृष्यन्ति |
| मध्यम | तृष्यसि | तृष्यथः | तृष्यथ |
| उत्तम | तृष्यामि | तृष्यावः | तृष्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: तृष्यति · लिट्: ततर्ष · लुट्: तर्षिता · लृट्: तर्षिष्यति · लोट्: तृष्यतात् · लङ्: अतृष्यत् · विधिलिङ्: तृष्येत् · आशीर्लिङ्: तृष्यात् · लुङ्: अतर्षीत् · लृङ्: अतर्षिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: तर्षण · ण्वुल्: तर्षकः · तृच्: तर्षिता · तव्य: तर्षितव्यः · अनीयर्: तर्षणीयः · क्त: तृष्टः · क्तवतु: तृष्टवान् · शतृ: तृष्यन् · स्य-शतृ: तर्षिष्यन् · क्त्वा: तृषित्वा · ल्यप्: प्रतृष्य · तुमुन्: तर्षितुम् · णमुल्: तर्षम् · घञ्: तर्षः · क्तिन्: तृष्टि · क्वसु: ततृष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| तृष्यति | तृष् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: तृष्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तृष् + शतृ | तृष्यता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तृष् + क्यप् · तद्धित: तृष्य + तल् (भाववाचक) |
तृष्यति ➤ प्यास लगाना
संस्कृत: पिपासायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड