॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: छोड़ना, त्यागना, देना, दान करना
संस्कृत: हानौ
अंग्रेज़ी: to abandon,to leave,to quit,to let go,to renounce
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | त्यजति | त्यजतः | त्यजन्ति |
| मध्यम | त्यजसि | त्यजथः | त्यजथ |
| उत्तम | त्यजामि | त्यजावः | त्यजामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: त्यजति · लिट्: तत्याज · लुट्: त्यक्ता · लृट्: त्यक्ष्यति · लोट्: त्यजतात् · लङ्: अत्यजत् · विधिलिङ्: त्यजेत् · आशीर्लिङ्: त्यज्यात् · लुङ्: अत्याक्षीत् · लृङ्: अत्यक्ष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: त्यजन · ण्वुल्: त्याजकः · तृच्: त्यक्ता · ण्यत्: त्याज्यः · तव्य: त्यक्तव्यः · अनीयर्: त्यजनीयः · क्त: त्यक्तः · क्तवतु: त्यक्तवान् · शतृ: त्यजन् · स्य-शतृ: त्यक्ष्यन् · क्त्वा: त्यक्त्वा · ल्यप्: प्रत्यज्य · तुमुन्: त्यक्तुम् · णमुल्: त्याजम् · घञ्: त्यागः · क्तिन्: त्यक्ति · क्वसु: तत्यज्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| त्यजति | त्यज् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: त्यजत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: त्यज् + शतृ | त्यजत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: त्यज् + शतृ |
त्यजति ➤ छोड़ना, त्यागना, देना, दान करना
संस्कृत: हानौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड