॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | त्रिङ्खति | त्रिङ्खतः | त्रिङ्खन्ति |
| मध्यम | त्रिङ्खसि | त्रिङ्खथः | त्रिङ्खथ |
| उत्तम | त्रिङ्खामि | त्रिङ्खावः | त्रिङ्खामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: त्रिङ्खति · लिट्: तित्रिङ्ख · लुट्: त्रिङ्खिता · लृट्: त्रिङ्खिष्यति · लोट्: त्रिङ्खतात् · लङ्: अत्रिङ्खत् · विधिलिङ्: त्रिङ्खेत् · आशीर्लिङ्: त्रिङ्ख्यात् · लुङ्: अत्रिङ्खीत् · लृङ्: अत्रिङ्खिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: त्रिङ्खण · ण्वुल्: त्रिङ्खकः · तृच्: त्रिङ्खिता · ण्यत्: त्रिङ्ख्यः · तव्य: त्रिङ्खितव्यः · अनीयर्: त्रिङ्खणीयः · क्त: त्रिङ्खितः · क्तवतु: त्रिङ्खितवान् · शतृ: त्रिङ्खन् · स्य-शतृ: त्रिङ्खिष्यन् · क्त्वा: त्रिङ्खित्वा · ल्यप्: प्रत्रिङ्ख्य · तुमुन्: त्रिङ्खितुम् · णमुल्: त्रिङ्खम् · घञ्: त्रिङ्खः · क्तिन्: त्रिङ्क्ति · क्वसु: तित्रिङ्ख्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| त्रिङ्खति | त्रिङ्ख् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: त्रिङ्खत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: त्रिङ्ख् + शतृ | त्रिङ्खत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: त्रिङ्ख् + शतृ |
त्रिङ्खति ➤ to go (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड