२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
त्रिङ्ख् (त्रिखिँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0173
धात्वर्थ: गतौ (to go)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम त्रिङ्खति त्रिङ्खतः त्रिङ्खन्ति मध्यम त्रिङ्खसि त्रिङ्खथः त्रिङ्खथ उत्तम त्रिङ्खामि त्रिङ्खावः त्रिङ्खामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम त्रिङ्खतात् / त्रिङ्खताद् / त्रिङ्खतु त्रिङ्खताम् त्रिङ्खन्तु मध्यम त्रिङ्ख / त्रिङ्खतात् / त्रिङ्खताद् त्रिङ्खतम् त्रिङ्खत उत्तम त्रिङ्खाणि त्रिङ्खाव त्रिङ्खाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अत्रिङ्खत् / अत्रिङ्खद् अत्रिङ्खताम् अत्रिङ्खन् मध्यम अत्रिङ्खः अत्रिङ्खतम् अत्रिङ्खत उत्तम अत्रिङ्खम् अत्रिङ्खाव अत्रिङ्खाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम त्रिङ्खेत् / त्रिङ्खेद् त्रिङ्खेताम् त्रिङ्खेयुः मध्यम त्रिङ्खेः त्रिङ्खेतम् त्रिङ्खेत उत्तम त्रिङ्खेयम् त्रिङ्खेव त्रिङ्खेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम त्रिङ्खिष्यति त्रिङ्खिष्यतः त्रिङ्खिष्यन्ति मध्यम त्रिङ्खिष्यसि त्रिङ्खिष्यथः त्रिङ्खिष्यथ उत्तम त्रिङ्खिष्यामि त्रिङ्खिष्यावः त्रिङ्खिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम त्रिङ्खिता त्रिङ्खितारौ त्रिङ्खितारः मध्यम त्रिङ्खितासि त्रिङ्खितास्थः त्रिङ्खितास्थ उत्तम त्रिङ्खितास्मि त्रिङ्खितास्वः त्रिङ्खितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम तित्रिङ्ख तित्रिङ्खतुः तित्रिङ्खुः मध्यम तित्रिङ्खिथ तित्रिङ्खथुः तित्रिङ्ख उत्तम तित्रिङ्ख तित्रिङ्खिव तित्रिङ्खिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अत्रिङ्खीत् / अत्रिङ्खीद् अत्रिङ्खिष्टाम् अत्रिङ्खिषुः मध्यम अत्रिङ्खीः अत्रिङ्खिष्टम् अत्रिङ्खिष्ट उत्तम अत्रिङ्खिषम् अत्रिङ्खिष्व अत्रिङ्खिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम त्रिङ्ख्यात् / त्रिङ्ख्याद् त्रिङ्ख्यास्ताम् त्रिङ्ख्यासुः मध्यम त्रिङ्ख्याः त्रिङ्ख्यास्तम् त्रिङ्ख्यास्त उत्तम त्रिङ्ख्यासम् त्रिङ्ख्यास्व त्रिङ्ख्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अत्रिङ्खिष्यत् / अत्रिङ्खिष्यद् अत्रिङ्खिष्यताम् अत्रिङ्खिष्यन् मध्यम अत्रिङ्खिष्यः अत्रिङ्खिष्यतम् अत्रिङ्खिष्यत उत्तम अत्रिङ्खिष्यम् अत्रिङ्खिष्याव अत्रिङ्खिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम त्रिङ्ख्यते त्रिङ्ख्येते त्रिङ्ख्यन्ते मध्यम त्रिङ्ख्यसे त्रिङ्ख्येथे त्रिङ्ख्यध्वे उत्तम त्रिङ्ख्ये त्रिङ्ख्यावहे त्रिङ्ख्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम त्रिङ्ख्यताम् त्रिङ्ख्येताम् त्रिङ्ख्यन्ताम् मध्यम त्रिङ्ख्यस्व त्रिङ्ख्येथाम् त्रिङ्ख्यध्वम् उत्तम त्रिङ्ख्यै त्रिङ्ख्यावहै त्रिङ्ख्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अत्रिङ्ख्यत अत्रिङ्ख्येताम् अत्रिङ्ख्यन्त मध्यम अत्रिङ्ख्यथाः अत्रिङ्ख्येथाम् अत्रिङ्ख्यध्वम् उत्तम अत्रिङ्ख्ये अत्रिङ्ख्यावहि अत्रिङ्ख्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम त्रिङ्ख्येत त्रिङ्ख्येयाताम् त्रिङ्ख्येरन् मध्यम त्रिङ्ख्येथाः त्रिङ्ख्येयाथाम् त्रिङ्ख्येध्वम् उत्तम त्रिङ्ख्येय त्रिङ्ख्येवहि त्रिङ्ख्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम त्रिङ्खिष्यते त्रिङ्खिष्येते त्रिङ्खिष्यन्ते मध्यम त्रिङ्खिष्यसे त्रिङ्खिष्येथे त्रिङ्खिष्यध्वे उत्तम त्रिङ्खिष्ये त्रिङ्खिष्यावहे त्रिङ्खिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त त्रिङ्खण — — त्रिङ्खणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त त्रिङ्खक त्रिङ्खकः त्रिङ्खिका त्रिङ्खकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त त्रिङ्खितृ त्रिङ्खिता त्रिङ्खित्री त्रिङ्खितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त त्रिङ्ख्य त्रिङ्ख्यः त्रिङ्ख्या त्रिङ्ख्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) त्रिङ्खितव्य त्रिङ्खितव्यः त्रिङ्खितव्या त्रिङ्खितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त त्रिङ्खणीय त्रिङ्खणीयः त्रिङ्खणीया त्रिङ्खणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) त्रिङ्खित त्रिङ्खितः त्रिङ्खिता त्रिङ्खितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) त्रिङ्खितवत् त्रिङ्खितवान् त्रिङ्खितवती त्रिङ्खितवत् / त्रिङ्खितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) त्रिङ्खत् त्रिङ्खन् त्रिङ्खन्ती त्रिङ्खत् / त्रिङ्खद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त त्रिङ्खिष्यत् त्रिङ्खिष्यन् त्रिङ्खिष्यती / त्रिङ्खिष्यन्ती त्रिङ्खिष्यत् / त्रिङ्खिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) त्रिङ्खित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रत्रिङ्ख्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) त्रिङ्खितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय त्रिङ्खम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त त्रिङ्ख त्रिङ्खः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त त्रिङ्क्ति — त्रिङ्क्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त तित्रिङ्ख्वस् तित्रिङ्ख्वान् तित्रिङ्खुषी तित्रिङ्ख्वत् / तित्रिङ्ख्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।