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🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

दिशति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

दिशति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

दिशति

अर्थ: दान देना

संस्कृत: अतिसर्जने

अंग्रेज़ी: to give, to donate, to grant, to leave

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. दिश् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. दिशत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दिश् + शतृ
  3. दिशत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दिश् + शतृ
  4. दिशती (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: दिश् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — दिश् (तुदादिगण) · अर्थ: दान देना (अतिसर्जने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमदिशतिदिशतःदिशन्ति
मध्यमदिशसिदिशथःदिशथ
उत्तमदिशामिदिशावःदिशामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: दिशति · लट् (आत्मने.): दिशते · लिट्: दिदेश · लिट् (आत्मने.): दिदिशे · लुट्: देष्टा · लुट् (आत्मने.): देष्टा · लृट्: देक्ष्यति · लृट् (आत्मने.): देक्ष्यते · लोट्: दिशतात् · लोट् (आत्मने.): दिशताम् · लङ्: अदिशत् · लङ् (आत्मने.): अदिशत · विधिलिङ्: दिशेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): दिशेत · आशीर्लिङ्: दिश्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): दिक्षीष्ट · लुङ्: अदिक्षत् · लुङ् (आत्मने.): अदिक्षत · लृङ्: अदेक्ष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अदेक्ष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: देशन · ण्वुल्: देशकः · तृच्: देष्टा · ण्यत्: देश्यः · तव्य: देष्टव्यः · अनीयर्: देशनीयः · क्त: दिष्टः · क्तवतु: दिष्टवान् · शतृ: दिशन् · स्य-शतृ: देक्ष्यन् · शानच्: दिशमानः · क्त्वा: दिष्ट्वा · ल्यप्: प्रदिश्य · तुमुन्: देष्टुम् · णमुल्: देशम् · घञ्: देशः · क्तिन्: दिष्टि · क्वसु: दिदिश्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
दिशतिदिश् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: दिशत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दिश् + शतृ | दिशत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दिश् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

दिशति ➤ दान देना
संस्कृत: अतिसर्जने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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