॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: दान देना
संस्कृत: अतिसर्जने
अंग्रेज़ी: to give, to donate, to grant, to leave
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | दिशति | दिशतः | दिशन्ति |
| मध्यम | दिशसि | दिशथः | दिशथ |
| उत्तम | दिशामि | दिशावः | दिशामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: दिशति · लट् (आत्मने.): दिशते · लिट्: दिदेश · लिट् (आत्मने.): दिदिशे · लुट्: देष्टा · लुट् (आत्मने.): देष्टा · लृट्: देक्ष्यति · लृट् (आत्मने.): देक्ष्यते · लोट्: दिशतात् · लोट् (आत्मने.): दिशताम् · लङ्: अदिशत् · लङ् (आत्मने.): अदिशत · विधिलिङ्: दिशेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): दिशेत · आशीर्लिङ्: दिश्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): दिक्षीष्ट · लुङ्: अदिक्षत् · लुङ् (आत्मने.): अदिक्षत · लृङ्: अदेक्ष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अदेक्ष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: देशन · ण्वुल्: देशकः · तृच्: देष्टा · ण्यत्: देश्यः · तव्य: देष्टव्यः · अनीयर्: देशनीयः · क्त: दिष्टः · क्तवतु: दिष्टवान् · शतृ: दिशन् · स्य-शतृ: देक्ष्यन् · शानच्: दिशमानः · क्त्वा: दिष्ट्वा · ल्यप्: प्रदिश्य · तुमुन्: देष्टुम् · णमुल्: देशम् · घञ्: देशः · क्तिन्: दिष्टि · क्वसु: दिदिश्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| दिशति | दिश् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: दिशत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दिश् + शतृ | दिशत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: दिश् + शतृ |
दिशति ➤ दान देना
संस्कृत: अतिसर्जने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड