॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: कांव कांव करना, इच्छा करना, चाहना
संस्कृत: काङ्क्षायाम् घोरवाशिते च
अंग्रेज़ी: to desire, to long for, to wish, to caw
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | द्राङ्क्षति | द्राङ्क्षतः | द्राङ्क्षन्ति |
| मध्यम | द्राङ्क्षसि | द्राङ्क्षथः | द्राङ्क्षथ |
| उत्तम | द्राङ्क्षामि | द्राङ्क्षावः | द्राङ्क्षामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: द्राङ्क्षति · लिट्: दद्राङ्क्ष · लुट्: द्राङ्क्षिता · लृट्: द्राङ्क्षिष्यति · लोट्: द्राङ्क्षतात् · लङ्: अद्राङ्क्षत् · विधिलिङ्: द्राङ्क्षेत् · आशीर्लिङ्: द्राङ्क्ष्यात् · लुङ्: अद्राङ्क्षीत् · लृङ्: अद्राङ्क्षिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: द्राङ्क्षण · ण्वुल्: द्राङ्क्षकः · तृच्: द्राङ्क्षिता · ण्यत्: द्राङ्क्ष्यः · तव्य: द्राङ्क्षितव्यः · अनीयर्: द्राङ्क्षणीयः · क्त: द्राङ्क्षितः · क्तवतु: द्राङ्क्षितवान् · शतृ: द्राङ्क्षन् · स्य-शतृ: द्राङ्क्षिष्यन् · क्त्वा: द्राङ्क्षित्वा · ल्यप्: प्रद्राङ्क्ष्य · तुमुन्: द्राङ्क्षितुम् · णमुल्: द्राङ्क्षम् · घञ्: द्राङ्क्षः · क्तिन्: द्रांष्टि · क्वसु: दद्राङ्क्ष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| द्राङ्क्षति | द्राङ्क्ष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: द्राङ्क्षत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: द्राङ्क्ष् + शतृ | द्राङ्क्षत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: द्राङ्क्ष् + शतृ |
द्राङ्क्षति ➤ कांव कांव करना, इच्छा करना, चाहना
संस्कृत: काङ्क्षायाम् घोरवाशिते च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड