🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 11:23:47 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

द्रूणाति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

द्रूणाति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

द्रूणाति

अर्थ: हिंसा करना, मार डालना

संस्कृत: हिंसायाम्

अंग्रेज़ी: to kill, to destroy

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. द्रू धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — द्रू (क्र्यादिगण) · अर्थ: हिंसा करना, मार डालना (हिंसायाम्)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमद्रूणातिद्रूणीतःद्रूणन्ति
मध्यमद्रूणासिद्रूणीथःद्रूणीथ
उत्तमद्रूणामिद्रूणीवःद्रूणीमः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: द्रूणाति · लट् (आत्मने.): द्रूणीते · लिट्: दुद्राव · लिट् (आत्मने.): दुद्रुवे · लुट्: द्रविता · लुट् (आत्मने.): द्रविता · लृट्: द्रविष्यति · लृट् (आत्मने.): द्रविष्यते · लोट्: द्रूणातु · लोट् (आत्मने.): द्रूणीताम् · लङ्: अद्रूणात् · लङ् (आत्मने.): अद्रूणीत · विधिलिङ्: द्रूणीयात् · विधिलिङ् (आत्मने.): द्रूणीत · आशीर्लिङ्: द्रूयात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): द्रविषीष्ट · लुङ्: अद्रावीत् · लुङ् (आत्मने.): अद्रविष्ट · लृङ्: अद्रविष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अद्रविष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: द्रवण · ण्वुल्: द्रावकः · तृच्: द्रविता · यत्: द्रव्यः · ण्यत्: द्राव्यः · तव्य: द्रवितव्यः · अनीयर्: द्रवणीयः · क्त: द्रूतः · क्तवतु: द्रूतवान् · शतृ: द्रूणन् · स्य-शतृ: द्रविष्यन् · शानच्: द्रूणानः · क्त्वा: द्रूत्वा · ल्यप्: प्रद्रूय · तुमुन्: द्रवितुम् · णमुल्: द्रावम् · क्तिन्: द्रूति · क्वसु: दुद्रूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
द्रूणातिद्रू धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

द्रूणाति ➤ हिंसा करना, मार डालना
संस्कृत: हिंसायाम्

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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