॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जलाना, श्रान्त होना, थकना, जीना
संस्कृत: सन्दीपनक्लेशनजीवनेषु
अंग्रेज़ी: to kindle,to get tired, to be weary,to live
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | धिक्षते | धिक्षेते | धिक्षन्ते |
| मध्यम | धिक्षसे | धिक्षेथे | धिक्षध्वे |
| उत्तम | धिक्षे | धिक्षावहे | धिक्षामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): धिक्षते · लिट् (आत्मने.): दिधिक्षे · लुट् (आत्मने.): धिक्षिता · लृट् (आत्मने.): धिक्षिष्यते · लोट् (आत्मने.): धिक्षताम् · लङ् (आत्मने.): अधिक्षत · विधिलिङ् (आत्मने.): धिक्षेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): धिक्षिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अधिक्षिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अधिक्षिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: धिक्षण · ण्वुल्: धिक्षकः · तृच्: धिक्षिता · ण्यत्: धिक्ष्यः · तव्य: धिक्षितव्यः · अनीयर्: धिक्षणीयः · क्त: धिक्षितः · क्तवतु: धिक्षितवान् · शानच्: धिक्षमाणः · क्त्वा: धिक्षित्वा · ल्यप्: प्रधिक्ष्य · तुमुन्: धिक्षितुम् · णमुल्: धिक्षम् · घञ्: धिक्षः · क्तिन्: धिष्टि · क्वसु: दिधिक्ष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| धिक्षते | धिक्ष् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: धिक्षता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: धिक्ष् + घञ् · तद्धित: धिक्ष + तल् (भाववाचक) | धिक्षता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: धिक्ष् + घञ् · तद्धित: धिक्ष + तल् (भाववाचक) |
धिक्षते ➤ जलाना, श्रान्त होना, थकना, जीना
संस्कृत: सन्दीपनक्लेशनजीवनेषु
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड