॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: ध्यान करना, चिन्तन करना, मनन करना, विचार करना
संस्कृत: चिन्तायाम्
अंग्रेज़ी: to think,to meditate,to recollect, to concentrate upon
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ध्यायति | ध्यायतः | ध्यायन्ति |
| मध्यम | ध्यायसि | ध्यायथः | ध्यायथ |
| उत्तम | ध्यायामि | ध्यायावः | ध्यायामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: ध्यायति · लिट्: दध्यौ · लुट्: ध्याता · लृट्: ध्यास्यति · लोट्: ध्यायतात् · लङ्: अध्यायत् · विधिलिङ्: ध्यायेत् · आशीर्लिङ्: ध्यायात् · लुङ्: अध्यासीत् · लृङ्: अध्यास्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: ध्यान · ण्वुल्: ध्यायकः · तृच्: ध्याता · यत्: ध्येयः · तव्य: ध्यातव्यः · अनीयर्: ध्यानीयः · क्त: ध्यातः · क्तवतु: ध्यातवान् · शतृ: ध्यायन् · स्य-शतृ: ध्यास्यन् · क्त्वा: ध्यात्वा · ल्यप्: प्रध्याय · तुमुन्: ध्यातुम् · णमुल्: ध्यायम् · घञ्: ध्यायः · क्तिन्: ध्याति · क्वसु: दध्यिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ध्यायति | ध्यै धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ध्यायत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ध्यै + शतृ | ध्यायत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ध्यै + शतृ |
ध्यायति ➤ ध्यान करना, चिन्तन करना, मनन करना, विचार करना
संस्कृत: चिन्तायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड