🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 11:22:45 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

ध्रसति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

ध्रसति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

ध्रसति

अर्थ: बीनना, एक एक करके चुनना

संस्कृत: उञ्छे

अंग्रेज़ी: to pick, to glean

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. ध्रस् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. ध्रसत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ध्रस् + शतृ
  3. ध्रसत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ध्रस् + शतृ
  4. ध्रसता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ध्रस् + अच् · तद्धित: ध्रस + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — ध्रस् (चुरादिगण) · अर्थ: बीनना, एक एक करके चुनना (उञ्छे)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमध्रसति / ध्रासयतिध्रसतः / ध्रासयतःध्रसन्ति / ध्रासयन्ति
मध्यमध्रससि / ध्रासयसिध्रसथः / ध्रासयथःध्रसथ / ध्रासयथ
उत्तमध्रसामि / ध्रासयामिध्रसावः / ध्रासयावःध्रसामः / ध्रासयामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: ध्रसति · लट् (आत्मने.): ध्रासयते · लिट्: दध्रास · लिट् (आत्मने.): ध्रासयाञ्चक्रे · लुट्: ध्रसिता · लुट् (आत्मने.): ध्रासयिता · लृट्: ध्रसिष्यति · लृट् (आत्मने.): ध्रासयिष्यते · लोट्: ध्रसतात् · लोट् (आत्मने.): ध्रासयताम् · लङ्: अध्रसत् · लङ् (आत्मने.): अध्रासयत · विधिलिङ्: ध्रसेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): ध्रासयेत · आशीर्लिङ्: ध्रस्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): ध्रासयिषीष्ट · लुङ्: अदिध्रसत् · लुङ् (आत्मने.): अदिध्रसत · लृङ्: अध्रसिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अध्रासयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: ध्रसन · ण्वुल्: ध्रासकः · तृच्: ध्रसिता · यत्: ध्रास्यः · ण्यत्: ध्रास्यः · तव्य: ध्रसितव्यः · अनीयर्: ध्रसनीयः · क्त: ध्रस्तः · क्तवतु: ध्रस्तवान् · शतृ: ध्रसन् · स्य-शतृ: ध्रसिष्यन् · शानच्: ध्रासयमानः · क्त्वा: ध्रस्त्वा · ल्यप्: प्रध्रस्य · तुमुन्: ध्रसितुम् · णमुल्: ध्रासम् · घञ्: ध्रासः · क्तिन्: ध्रस्ति · क्वसु: दध्रस्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
ध्रसतिध्रस् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: ध्रसत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ध्रस् + शतृ | ध्रसत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ध्रस् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

ध्रसति ➤ बीनना, एक एक करके चुनना
संस्कृत: उञ्छे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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