॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बांधना
संस्कृत: बन्धने
अंग्रेज़ी: to tie
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | नह्यति | नह्यतः | नह्यन्ति |
| मध्यम | नह्यसि | नह्यथः | नह्यथ |
| उत्तम | नह्यामि | नह्यावः | नह्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: नह्यति · लट् (आत्मने.): नह्यते · लिट्: ननाह · लिट् (आत्मने.): नेहे · लुट्: नद्धा · लुट् (आत्मने.): नद्धा · लृट्: नत्स्यति · लृट् (आत्मने.): नत्स्यते · लोट्: नह्यतात् · लोट् (आत्मने.): नह्यताम् · लङ्: अनह्यत् · लङ् (आत्मने.): अनह्यत · विधिलिङ्: नह्येत् · विधिलिङ् (आत्मने.): नह्येत · आशीर्लिङ्: नह्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): नत्सीष्ट · लुङ्: अनात्सीत् · लुङ् (आत्मने.): अनद्ध · लृङ्: अनत्स्यत् · लृङ् (आत्मने.): अनत्स्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: नहन · ण्वुल्: नाहकः · तृच्: नद्धा · ण्यत्: नाह्यः · तव्य: नद्धव्यः · अनीयर्: नहनीयः · क्त: नद्धः · क्तवतु: नद्धवान् · शतृ: नह्यन् · स्य-शतृ: नत्स्यन् · शानच्: नह्यमानः · क्त्वा: नद्ध्वा · ल्यप्: प्रणह्य · तुमुन्: नद्धुम् · णमुल्: नाहम् · घञ्: नाहः · क्तिन्: नद्धि · क्वसु: नेहिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| नह्यति | नह् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: नह्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: नह् + शतृ | नह्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: नह् + शतृ |
नह्यति ➤ बांधना
संस्कृत: बन्धने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड