🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:23:32 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

पन्थति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

पन्थति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

पन्थति

अर्थ: जाना

संस्कृत: गतौ

अंग्रेज़ी: to go

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. पन्थ् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. पन्थत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पन्थ् + शतृ
  3. पन्थत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पन्थ् + शतृ
  4. पन्थता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पन्थ् + घञ् · तद्धित: पन्थ + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — पन्थ् (चुरादिगण) · अर्थ: जाना (गतौ)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमपन्थति / पन्थयतिपन्थतः / पन्थयतःपन्थन्ति / पन्थयन्ति
मध्यमपन्थयसि / पन्थसिपन्थथः / पन्थयथःपन्थथ / पन्थयथ
उत्तमपन्थयामि / पन्थामिपन्थयावः / पन्थावःपन्थयामः / पन्थामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पन्थति · लट् (आत्मने.): पन्थयते · लिट्: पन्थयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): पन्थयाञ्चक्रे · लुट्: पन्थयिता · लुट् (आत्मने.): पन्थयिता · लृट्: पन्थयिष्यति · लृट् (आत्मने.): पन्थयिष्यते · लोट्: पन्थतात् · लोट् (आत्मने.): पन्थयताम् · लङ्: अपन्थत् · लङ् (आत्मने.): अपन्थयत · विधिलिङ्: पन्थयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): पन्थयेत · आशीर्लिङ्: पन्थ्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): पन्थयिषीष्ट · लुङ्: अपन्थीत् · लुङ् (आत्मने.): अपपन्थत · लृङ्: अपन्थयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अपन्थयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पन्थन · ण्वुल्: पन्थकः · तृच्: पन्थिता · यत्: पन्थ्यः · ण्यत्: पन्थ्यः · तव्य: पन्थितव्यः · अनीयर्: पन्थनीयः · क्त: पन्थितः · क्तवतु: पन्थितवान् · शतृ: पन्थन् · स्य-शतृ: पन्थिष्यन् · शानच्: पन्थयमानः · क्त्वा: पन्थित्वा · ल्यप्: प्रपन्थ्य · तुमुन्: पन्थितुम् · णमुल्: पन्थम् · घञ्: पन्थः · क्तिन्: पन्ति · क्वसु: पपन्थ्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
पन्थतिपन्थ् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: पन्थत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पन्थ् + शतृ | पन्थत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पन्थ् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

पन्थति ➤ जाना
संस्कृत: गतौ

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें